कानपुर देहात के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरवनखेड़ा में संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत सीएचओ-पीएसपी समीक्षा बैठक, एमएमडीपी (रोग प्रबंधन एवं दिव्यांगता रोकथाम) प्रशिक्षण एवं डेमोंस्ट्रेशन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य संचारी अभियान की समीक्षा करते हुए उसके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना तथा साफ-सफाई एवं स्वच्छता के माध्यम से रोगों की रोकथाम को बढ़ावा देना रहा।
बैठक के दौरान संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा समुदाय स्तर पर साफ-सफाई, स्वच्छता, जलजनित रोगों की रोकथाम एवं जन-जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही प्रतिभागियों को यूडीएसपी, आईएचआईपी, ई-कवच एवं सीएस प्रो पोर्टल पर डेटा को सुरक्षित, सटीक एवं अद्यतन रखने हेतु विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
एमएमडीपी कार्यक्रम के अंतर्गत चिन्हित फाइलेरिया मरीजों को स्वयं देखभाल (Self Care), सूजन प्रबंधन एवं दैनिक व्यायाम की विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन कराया गया। विशेष रूप से फाइलेरिया मरीज राजेंद्र (51 वर्ष, 5वें चरण) एवं अल्का (40 वर्ष, 3वें चरण) के माध्यम से लाइव डेमोंस्ट्रेशन कर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी नदीम एवं रोजलिन सेनापति द्वारा सभी प्रतिभागियों को सही देखभाल की तकनीक सिखाई गई तथा नियमित व्यायाम के लाभों की विस्तृत जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में क्षय रोग, गैर संचारी रोग (उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह), डेंगू, मलेरिया, पोषण, स्वच्छता तथा आयुष एवं योग आधारित स्वास्थ्य गतिविधियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विकास , जिला समन्वयक प्रेम सिंह कटियार, बीपीएम नरेंद्र तथा बीसीपीएम सुरेंद्र प्रसाद उपस्थित रहे। चिकित्सा अधीक्षक द्वारा पीएसपी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया गया कि सभी चिन्हित फाइलेरिया मरीजों को संशोधित एमएमडीपी दिशानिर्देशों के अनुसार शत-प्रतिशत प्रशिक्षण प्रदान किया जाए।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ विकास द्वारा निर्देशित किया कि जिन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर अभी तक पीएसपी का गठन नहीं हुआ है, वहाँ शीघ्र गठन सुनिश्चित किया जाए तथा आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान, पंचायत सहायक, कोटेदार, नोडल अध्यापक, फाइलेरिया एवं अन्य मरीजों सहित समुदाय के विभिन्न सदस्यों को जोड़कर एक सशक्त एवं सक्रिय प्लेटफॉर्म विकसित किया जाए। इससे फाइलेरिया, क्षय रोग एवं गैर संचारी रोगों की रोकथाम, स्वच्छता को बढ़ावा देने तथा मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने में सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में बीसीपीएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, एएनएम, आशा संगिनी एवं पीएसपी सदस्यों सहित कुल 38 प्रतिभागियों की उपस्थिति रही।
यह कार्यक्रम संचारी रोग नियंत्रण, स्वच्छता सुदृढ़ीकरण, मरीजों के सशक्तिकरण एवं स्वास्थ्य प्रणाली की प्रभावशीलता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।












