कानपुर देहात। प्रभारी मंत्री (मत्स्य विभाग) उत्तर प्रदेश सरकार डॉ. संजय कुमार निषाद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद में संभावित बाढ़ की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राकेश सचान , राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला , जिला पंचायत अध्यक्ष नीरज रानी , विधान परिषद सदस्य अरुण पाठक , भाजपा जिलाध्यक्ष रेणुका सचान सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण जूम के माध्यम से प्रतिभाग किया। बैठक में जिलाधिकारी कपिल सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पाण्डेय तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मां मुक्तेश्वरी देवी सभागार कक्ष कलेक्ट्रेट में मौजूद रहे। बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी एवं त्वरित ढंग से निपटने हेतु जनपद में की गई तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों को पूर्ण तत्परता एवं समन्वय के साथ संचालित करने, बाढ़ संभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में बाढ़ संभावित क्षेत्रों में बाढ़ चैकियों की स्थापना की जा चुकी है तथा जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम (9454416429, 9044070030) भी स्थापित कर दिया गया है, जो चैबीसों घंटे निगरानी एवं समन्वय का कार्य करेगा। इसके अतिरिक्त राहत एवं बचाव कार्यों के दृष्टिगत नाविकों एवं गोताखोरों को चिन्हित कर आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। संबंधित विभागों द्वारा आपदा की स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाने हेतु संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
प्रभारी मंत्री ने संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का समयबद्ध सर्वेक्षण कराए जाने तथा पात्र किसानों का फसल बीमा सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा प्राकृतिक आपदा की स्थिति में उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने जनसामान्य को आपदा से संबंधित महत्वपूर्ण सूचनाओं एवं हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बाढ़ संभावित गांवों में व्यापक स्तर पर पोस्टर एवं बैनर लगवाकर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित व्यक्ति तत्काल सहायता प्राप्त कर सकें। प्रभारी मंत्री ने पशुओं की सुरक्षा एवं संरक्षण को भी प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारे, दवाओं एवं चिकित्सीय सुविधाओं सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन की तैयारियों में मानव जीवन के साथ-साथ पशुधन की सुरक्षा भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा प्रभारी मंत्री के निर्देशों के शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किए जाने हेतु संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने, संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जनसामान्य को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने एवं शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
बैठक में प्रभारी मंत्री ने सभी विभागों को पूर्ण सतर्कता, संवेदनशीलता एवं सक्रियता के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आमजन की सुरक्षा एवं राहत कार्यों का प्रभावी संचालन है। संभावित आपदा की स्थिति में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी तथा सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर जनहित में पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करें। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर जय गोविंद, उप जिलाधिकारी भोगनीपुर देवेंद्र सिंह, उप जिलाधिकारी सिकंदरा उषा सिंह, एक्सियन सिंचाई, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण आदि उपस्थित रहे।










