कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश सरकार के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं प्रदेश के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इन्हीं योजनाओं में से एक मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना ग्रामीण क्षेत्रों के परंपरागत कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बन रही है। कानपुर देहात के ग्राम कुसमी, पोस्ट कोरसा, तहसील अकबरपुर निवासी धर्मेंद्र सिंह पुत्र मिश्रीलाल इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल हैं।
धर्मेंद्र सिंह प्रजापति समाज से संबंध रखते हैं तथा पीढ़ियों से माटीकला के पारंपरिक कार्य से जुड़े रहे हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक अभाव के कारण वे आधुनिक उपकरण नहीं खरीद पा रहे थे। परिणामस्वरूप उत्पादन सीमित था और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए उन्हें माटीकला कार्य के साथ-साथ मजदूरी भी करनी पड़ती थी। उस समय उनकी मासिक आय लगभग 18 से 20 हजार रुपये के बीच थी।
वर्ष 2025-26 में उन्हें जिला खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी, कानपुर देहात के माध्यम से मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना की जानकारी प्राप्त हुई। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ग्रामीण बैंक, शाखा लालपुर, अकबरपुर द्वारा उन्हें 3 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया।
इस वित्तीय सहायता से धर्मेंद्र सिंह ने अपनी इकाई का आधुनिकीकरण किया। उन्होंने जिगर मशीन, विभिन्न डाई तथा सोलर पैनल स्थापित किए, जिससे उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। पहले जहां अधिकांश कार्य पारंपरिक तरीके से होता था, वहीं अब आधुनिक तकनीक के प्रयोग से कम समय में अधिक एवं बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार होने लगे। इससे उनकी मेहनत कम हुई और उत्पादन लागत में भी कमी आई।
आज धर्मेंद्र सिंह की मासिक आय बढ़कर 30 से 32 हजार रुपये तक पहुंच गई है। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी माटीकला इकाई में तीन अन्य ग्रामीण युवाओं को भी रोजगार उपलब्ध कराया है। उनकी इकाई आज ग्रामीण क्षेत्र में स्वरोजगार और रोजगार सृजन का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुकी है।
धर्मेंद्र सिंह बताते हैं कि यदि उन्हें समय पर शासन की योजना का लाभ और वित्तीय सहयोग न मिला होता, तो उनके लिए अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे बढ़ाना कठिन था। आज वे न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि अपने परिवार को बेहतर जीवन उपलब्ध कराने के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गए हैं।
धर्मेंद्र सिंह की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित विभिन्न स्वरोजगार एवं जनकल्याणकारी योजनाएं वास्तव में पात्र लाभार्थियों के जीवन में व्यापक परिवर्तन ला रही हैं। सरकार की योजनाओं के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों, युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण उद्यमियों को वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग तथा रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। इससे न केवल लोगों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि प्रदेश में आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के संकल्प को भी मजबूती मिल रही है।
धर्मेंद्र सिंह की यह प्रेरक यात्रा इस बात का सशक्त संदेश देती है कि यदि इच्छाशक्ति के साथ शासन की योजनाओं का लाभ लिया जाए, तो सीमित संसाधनों के बावजूद सफलता की नई इबारत लिखी जा सकती है। उनकी कहानी अन्य पारंपरिक कारीगरों और ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है कि वे भी सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपने सपनों को साकार करें और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनें।













