कानपुर देहात। नाबालिग से दुष्कर्म के सात वर्ष पुराने मामले में एडीजे-15 न्यायालय, कानपुर देहात ने दोषी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को 1 वर्ष 8 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
मामला थाना शिवली क्षेत्र का है। 25 सितंबर 2017 को ग्राम वाघपुर निवासी लालबहादुर पुत्र प्रीतम के विरुद्ध वादी की नाबालिग पुत्री के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में थाना शिवली पर मुकदमा संख्या 705/2017, धारा 376, 506 आईपीसी एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस ने गुणवत्ता पूर्ण विवेचना करते हुए साक्ष्य संकलित किए और 25 नवंबर 2017 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायालय में अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त का अपराध सिद्ध हुआ।
पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत थाना शिवली पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन और मॉनिटरिंग सेल द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। इसके परिणामस्वरूप 30 जून 2026 को एडीजे-15 न्यायालय ने अभियुक्त लालबहादुर को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस के अनुसार महिला एवं बाल अपराधों में त्वरित न्याय दिलाने और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अभियान लगातार जारी है।











