पटाखे चलाते समय बरतें सावधानी, अग्नि दुर्घटना होने पर तत्काल दें सूचना
कानपुर देहात। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव ने बताया कि दीपावली आदि त्यौहारों के अवसरों में लगने वाले पण्डालों में सम्भावित अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु पटाखों की बिक्री तथा आतिशबाजी करते समय रखी जाने वाली सावधानियों के संबंध में उत्तर प्रदेश अग्निशमन तथा आपात सेवा द्वारा निर्गत निम्नलिखित निर्देशों एवं एडवाइजरी का पालन करें।
-: दीपावली में सावधानी :-
1. लक्ष्मी पूजन के स्थान से ज्वलनशील पदार्थ जैसे पर्दा आदि दूर रखें।
2. दिया-मोमबत्ती सुरक्षित स्थान पर सजायें।
3. बिजली की झालर आदि से बिजली के बोर्ड पर अतिरिक्त भार न दें तथा शॉर्ट शर्किट होने से आग लगने की ओर विशेष रूप से सतर्क रहें।
4. बाजार से लाये गये पटाखों को घर के वयस्क व्यक्ति के नियंत्रण में सुरक्षित स्थान पर रखें।
5. झुग्गी, झोपडी, आरामशीन, भूसे के ढेर की दीपावली पर्व में दिन रात संगठित टोली द्वारा उनकी बारी-बारी से निगरानी की जाये।
6. दीपावली पर मोटे और चुस्त कपड़े पहनें तथा ढीले लहरदार सिन्थेटिक कपडों को न पहनें।
7. अपने घर में पटाखे चलाते समय अग्नि दुर्घटना से तुरन्त निपटने हेतु 02 वाल्टी पानी भरकर तैयार रखें।
आग लगने पर क्या करें:-
1. आग लगने पर आग आग चिल्लाएं जिससे अधिक से अधिक लोग सहायता हेतु एकत्र हो सकें।
2. पटाखों से कपडों में आग लगने पर बुझाने हेतु पानी का प्रयोग करें।
3. कपडों में लगी आग को बुझाने हेतु मोटे कपड़े जैसे पर्दा या कम्बल का प्रयोग किया जा सकता है।
4. कपड़ों में आग लगने पर दौडें नहीं बल्कि जमीन पर लेटकर लुढकें।
-: पटाखों में विकी के समय रखी जाने वाली सावधानियों:-
1. पटाखों की अस्थाई दुकान बनाते समय ज्वलनशील पदार्थ जैसे कपड़े, पॉलीथीन इत्यादि का प्रयोग न करें।
2. अस्थाई आतिशबाजी का लाइसेंस प्राप्त कर जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थल पर ही दुकान लगायें।
3. आतिशबाजी की दुकानों के मध्य लगभग 03 मीटर की दूरी रखी जाये व प्रोटेक्टेड वर्क्स जैसे आवास, शैक्षिक संस्थान, सभागार, सिनेमाघर, अस्पताल, मार्केट, फैक्ट्री, पूजा के स्थान, रेलवे लाइन, हाइवे, खतरनाक पदार्थ के भण्डारण, ओवर हेड हाइटेन्शन विद्युत लाइन से कम से कम 50 मीटर की दूरी होनी चाहिये।
4. पटाखों की दुकान में हैलोजन लाइट, मोमबत्ती, माचिस, लाइटर का प्रयोग न करें। स्पार्क प्रूफ लाइट का प्रयोग करें।
5. 145 DB(C) (डेसीबल) से तेज आबाज वाले पटाखों का कय/विकय न करें।
6. पार्किंग व्यवस्था विकय स्थल से अलग रखें। विक्रय स्थल पर पलायन मार्ग अवरोधमुक्त रखा जाये।
7. आजिशवाजी का विकय बूढ़ा, बच्चा, बीमार, आपराधिक प्रवृत्ति एवं विकलांग व्यक्ति द्वारा नहीं किया जाना चाहिए।
8. धूम्रपान निषेध का बोर्ड एवं एक बोर्ड पर सम्बन्धित आपातकालीन / अग्निशमन केन्द्र अकबरपुर माती का टेलीफोन नम्बर-9454418416, 9454418415 एवं आपातकालीन नं0-112 लाल रंग से अंकित कर ऐसे स्थान पर रखा जाय, जहां से प्रत्येक व्यक्त्ति को आसानी से दिखाई दे सके।
9. पटाखों की दुकान के पास समुचित मात्रा में पानी, बालू अग्निशमन यन्त्र सदैव उपलब्ध रखें।












