पॉक्सो कानून से लेकर साइबर सुरक्षा तक, विद्यार्थियों को बताए सुरक्षित रहने के अधिकार

 

विधिक जागरूकता शिविर में गुड टच-बैड टच, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और निःशुल्क कानूनी सहायता की दी जानकारी

जालौन। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर 25 सितंबर से 02 अक्टूबर तक चलाए जा रहे विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता अभियान के अंतर्गत दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, उरई में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट-2012, बाल अधिकार, व्यक्तिगत सुरक्षा, गुड टच-बैड टच, साइबर अपराधों से बचाव तथा निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रथम सिविल जज सीनियर डिवीजन शांभवी ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट-2012 के उद्देश्य एवं प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को यौन अपराधों, यौन शोषण, उत्पीड़न और पोर्नोग्राफी जैसे अपराधों से संरक्षण प्रदान करने के लिए यह कानून बनाया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा किसी भी असहज अथवा संदिग्ध परिस्थिति में बिना संकोच विश्वसनीय व्यक्ति से सहायता लेने की अपील की।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मनाली चन्द्रा ने विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन सेवा 112 का उपयोग करने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों को किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर उसे छिपाने के बजाय तत्काल अपने माता-पिता, शिक्षक अथवा संबंधित हेल्पलाइन को जानकारी देनी चाहिए।
सिविल जज जूनियर डिवीजन अंकिता सिंह ने डिजिटल युग में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर निजी जानकारी, फोटो और अन्य व्यक्तिगत विवरण साझा करते समय सावधानी बरतने तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए। साथ ही गुड टच-बैड टच के अंतर को समझाते हुए विद्यार्थियों को अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
सिविल जज जूनियर डिवीजन उरई प्रत्यूष प्रकाश ने विद्यार्थियों को पॉक्सो कानून के महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि विधिक समस्या होने पर जनपद न्यायालय परिसर स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय से सहायता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के टोल फ्री नंबर 15100 के माध्यम से निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी भी दी।
सिविल जज जूनियर डिवीजन अनिरुद्ध सिंह ने पॉक्सो एक्ट के संबंध में विस्तृत जानकारी देने के साथ ही लोक अदालत एवं सुलह-समझौता केंद्र के माध्यम से विवादों के समाधान तथा विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली विभिन्न कानूनी सुविधाओं के बारे में बताया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रबंधक शत्रुघ्न ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों को कानून और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना भी विकसित करते हैं। कार्यक्रम का संचालन पीएलवी महेश सिंह परिहार ने किया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सुमेशचंद्र मिश्रा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के डीईओ दीपक नारायण, पीएलवी मनीषा चतुर्वेदी, महेश सिंह परिहार, महेन्द्र कुमार मिश्रा, योगेन्द्र सिंह तखेले, धर्मेन्द्र कुमार, रामदेव चतुर्वेदी सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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