कानपुर देहात। त्योहारों के मद्देनजर दूध और दूध से बने उत्पादों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। रसूलाबाद और डेरापुर क्षेत्र में दूध कारोबारियों के साथ बैठक कर अधिकारियों ने करीब 100 खाद्य कारोबारियों को मिलावट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
सहायक आयुक्त खाद्य-द्वितीय राम अवतार सिंह ने कहा कि घी, खोवा, पनीर, छेना और क्रीम समेत सभी दुग्ध उत्पादों की शुद्धता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डेयरी या प्रसंस्करण इकाई में विजातीय वसा या हानिकारक रसायन मिलने पर तैयार उत्पाद जब्त कर नष्ट किए जाएंगे और उत्पादन तत्काल बंद कराया जा सकता है।
अधिकारियों ने बताया कि मिलावट में हानिकारक रसायनों के संगठित इस्तेमाल पर बीएनएस की धाराओं में एफआईआर दर्ज होगी। दोषी पाए जाने पर खाद्य लाइसेंस और पंजीकरण निलंबित करने की कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं, प्रदेश के बाहर बने किसी ब्रांड के उत्पाद में मिलावट की पुष्टि होने पर प्रदेश में उसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की कार्रवाई की जा सकती है।
बैठक श्रीडंक विकासखंड के सभागार और मयंक ढाबा, रसूलाबाद में हुई। इसमें खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश चन्द्र और राम बिहारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कारोबारियों से मानक और शुद्ध उत्पाद ही बेचने की अपील की।














