कानपुर देहात – दिनांक 30.07.2026 से पवित्र श्रावण मास प्रारम्भ हो रहा है, जो दि० 28.08.2026 तक रहेगा। इस अवधि में श्रावण शिवरात्रि, नागपंचमी व रक्षाबंधन का पर्व मनाया जायेगा। इसके अतिरिक्त दिनांक-04/05.08.2026 को चेहल्लुम व दिनांक-26.08.2026 को ईद-ए-मिलाद (बारावफात) मनाया जायेगा। इसको जायेगा। उक्त के दृष्टिगत श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार एवं चेहल्लुम व ईद-ए-मिलाद (बारावफात) में जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था एवं जन सुरक्षा बनाये रखना अति आवश्यक है।
उपरोक्त जानकारी देते हुए अमित कुमार, अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन), कानपुर देहात भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 बी०एन०एस०एस० में विहित अधिकारों का प्रयोग करते हुए लोक व्यवस्था / शान्ति व्यवस्था/जन सुरक्षा एवं जनजीवन को सामान्य बनाये रखने की दृष्टि से जनपद की सम्पूर्ण सीमा में इसके अन्तर्गत पड़ने वाले समस्त नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र हेतु निम्नलिखित निषेधाज्ञाएं पारित करता हूँ:-
जनपद कानपुर देहात में किसी भी व्यक्ति/संस्था/संगठन द्वारा किसी कार्यक्रम / माध्यम से साम्प्रदायिक सद्भाव व सामाजिक सौमनस्य को बिगाड़ने का प्रयास नही किया जायेगा। जनपद में कोई भी ड्रोन कैमरा का प्रयोग सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त किये बिना नहीं करेगा, किन्तु सुरक्षा एजेन्सियां इससे मुक्त रहेंगी। ड्यूटी पर तैनात शासकीय कर्मचारियों / अधिकारियों और अन्य कर्मियों जो शासकीय अस्त्र-शस्त्र धारण करने हेतु अधिकृत है, को छोडकर कोई भी व्यक्ति आग्नेय अस्त्र, विस्फोटक पदार्थ, लाठी बल्लम, भाला अथवा तेज धार वाले हथियार लेकर सार्वजनिक रूप से न तो विचरण करेगा और न ही किसी प्रकार से ऐसे अस्त्र-शस्त्रों का प्रदर्शन करेगा। किसी सार्वजनिक स्थान पर कोई भी व्यक्ति ऐसे व्यक्तियों के समूह के साथ सम्मलित नहीं होगा, जिसका उद्देश्य किसी विधि विरूद्ध गतिविधि में भाग लेना हो। मा० न्यायालय के निर्णय के विरूद्ध किसी भी प्रकार की टीका-टिप्पणी नहीं की जायेगी। कोई भी व्यक्ति बिना लाइसेन्स तेजाब व अन्य कोई पदार्थ जो विस्फोटक सामग्री की श्रेणी में आता है एकत्रित नहीं करेगा। साथ ही कंकड, पत्थर, खाली बोतलों, शीशे के टुकडे आदि ऐसी सामग्री का संग्रह, जिसका प्रयोग लोक व्यवस्था, कानून व्यवस्था एवं शान्ति व्यवस्था को प्रभावित करने के लिए हो सकता है, अपने भवनों / छतों/अन्य स्थानों आदि पर कहीं नही करेगा और न ही रखेगा।
किसी व्यक्ति/संगठन द्वारा ऐसा कोई कार्यक्रम सार्वजनिक / निजी स्थल पर आयोजित नही किया जायेगा, जिससे किसी जाति/पंथ/संगठन/धर्म के अनुयायियों / व्यक्तियों की भावनाओं को आघात पहुंचे और साम्प्रदायिक / धार्मिक उन्माद की स्थिति उत्पन्न हो। कोई भी व्यक्ति अथवा संस्था/ दल / संगठन बिना पूर्व अनुमति कोई सभा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, आदि आयोजित नही करेगा और पूर्व प्रदत्त अनुमति में उल्लिखित निर्धारित स्थल, मार्ग व अवधि नही बदलेगा तथा न ही सभा में किसी प्रकार का भड़काऊ / अमर्यादित भाषण करेगा, किसी का पुतला नही जलायेगा एवं उसके सार्वजनिक स्थानों पर जलाने और इस प्रकार के अन्य कार्यों व प्रदर्शनों का समर्थन नही करेगा। इसके साथ ही साथ पूर्व अनुमति के क्रम में आयोजित सभाओं एवं जुलूसों आदि में कोई ऐसा कार्य नही किया जायेगा, जिससे सामान्य जन को बाधा पहुंचे। परम्परागत पर्वो / त्योहारों में जनसामान्य की शान्ति एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से सम्मिलित होने, विवाहोत्सव, शव यात्राओं या शासन के विभिन्न विभागों के प्रबन्धाधीन आयोजित सांस्कृतिक / संस्थागत कार्यक्रम, ड्यूटी पर तैनात अधिकारी / कर्मचारी, सिक्ख समुदाय के लोग धार्मिक हथियार के रूप में कृपाण धारण करने व बूढे, दिव्यांग व्यक्ति व्यक्ति जो सहारे के लिए छडी या लाठी का प्रयोग करते है इस प्रतिबन्ध में मुक्त रहेंगे।
कोई भी सभा/रैली आदि ऐसे स्थान पर आयोजित नहीं की जायेगी, जहाँ कोई निषेधाज्ञा या प्रतिबन्धात्मक आदेश शासन, स्थानीय प्रशासन अथवा न्यायालय आदि द्वारा लागू किये गये हो तथा प्रभावी हो। कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के समारोह / कार्यक्रम / जुलूस आदि सार्वजनिक स्थलों में ध्वनि विस्तारक यन्त्रों जैसे लाउडस्पीकर आदि का प्रयोग किसी भी दशा में बिना पूर्व अनुमति के नही करेगा एवं पूर्व अनुमति की दशा में भी अनुमति की शर्तों का उल्लघंन नही किया जायेगा तथा किसी भी दशा में रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 06.00 बजे तक ध्वनि विस्तारक यन्त्रों / साधनों का प्रयोग नही किया जायेगा तथा सार्वजनिक स्थलों तथा धार्मिक स्थानों पर मानक का उल्लंघन करते हुए ध्वनि विस्तारक यन्त्रों (लाउडस्पीकर) का प्रयोग नहीं होगा। इस सम्बन्ध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय / उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों का पूर्ण अनुपालन किया जायेगा। कोई भी व्यक्ति/संगठन/समूह/सम्प्रदाय/दल/सोशल मीडिया साइट्स जैसे व्हाटसएप, फेसबुक, मैसेन्जर इन्स्टाग्राम, हाइक, टेलीग्राम, आदि या अन्य किसी माध्यम से किसी भी धर्म / पक्ष / सम्प्रदाय आदि के किसी भी महापुरूष, देवी देवता आदि का प्रत्यक्ष या परोक्ष, किसी भी रूप से अनादर करने का प्रयास नही करेगा और न ही सोशल मीडिया पर किसी प्रकार की अफवाह उड़ायेगा। सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति प्राप्त किये किसी भी देवी-देवताओं अथवा किसी भी महापुरूष की मूर्ति की स्थापना नहीं करेगा। किसी भी चार पहिया या अन्य छत वाले वाहनों की छत पर कोई यात्री यात्रा नही करेगा और दो पहिया वाहनों पर 02 से अधिक व्यक्ति तथा अन्य वाहनों पर निर्धारित यात्रियों से अधिक यात्री यात्रा नही करेगे। कोई भी व्यक्ति / नवयुवक मोटर वाहन अधिनियम 1988 का उल्लंघन नही करेंगा और न ही मोटर साइकिल आदि पर सवार होकर हुडदंग करते हुए मार्ग / यातायात बाधित करेगा और न करायेगा। कोई भी व्यक्ति / संस्था/संगठन/दल/समूह आदि द्वारा फूहड, अश्लील / जन सामान्य को भडकाने वाला कोई भी गाना न गाया जायेगा और न ही बजाया जायेगा। कोई भी नई परम्परा अथवा जुलूस आदि के नये रास्ते कदापि न अपनाये जाये और न ही जुलूस / कार्यक्रम के दौरान लोक व्यवस्था के प्रतिकूल आपत्तिजनक एवं अवैधानिक गतिविधियों की जाये। किसी भी प्रकार की महिला उत्पीडन, अश्लीलता आदि सम्बन्धी कोई कृत्य न किया जाये। कोई भी व्यक्ति किसी भी परीक्षा की सुचिता को प्रभावित नहीं करेगा और न ही कोई ऐसा कृत्य करेगा जिससें उक्त परीक्षा प्रभावित एवं अवरोधित हो। परीक्षा परिसर में मोबाइल फोन ब्लूटूथ अथवा अन्य संचार सम्बन्धी उपकरण एवं आई०टी० गैजेट्स ले जाना पूर्णतया प्रतिबन्धित होगा। जनपद कानपुर देहात में औद्योगिक इकाइयों व कार्यालयों के आसपास किसी भी व्यक्ति / संस्था / संगठन द्वारा किसी कार्यक्रम / माध्यम से साम्प्रदायिक सद्भाव व सामाजिक सौमनस्य को बिगाड़ने का प्रयास नही किया जायेगा।
उपरोक्त आदेशों को तात्कालिक रूप से पारित करने की आवश्यकता है, ऐसी दशा में समयाभाव के कारण समस्त सम्बन्धितों को समय से सूचित कर किसी अन्य पक्ष को सुना जाना सम्भव नहीं है। अतः यह आदेश एक पक्षीय रूप से पारित किये जा रहे है। यदि कोई व्यक्ति / संगठन/संस्था इस आदेश से झुब्ध हो तथा इसके सम्बन्ध में कोई आपत्ति/आवेदन करना चाहें या छूट या शिथिलता चाहे, तो उसे सम्बन्धित उप जिला मजिस्ट्रेट के सम्मुख आवेदन करने का अधिकार होगा। जिस पर सम्यक सुनवाई / विचारोपरान्त प्रार्थना पत्र के सम्बन्ध में समुचित आदेश पारित किये जायेगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा यदि बीच में वापस न लिया गया, तो दिनांक-24/07/2026 की पूर्वान्ह से दिनांक-05/09/2026 तक प्रभावी रहेगा। इस आदेश अथवा इसके किसी अंश का उल्लंघन करने पर किसी भी व्यक्ति के विरूद्ध आपदा प्रबन्धन अधिनियम-2005 की धारा-51 तथा बीएनएस-2023 की धारा-223 में दिये गये प्राविधानों एवं अन्य विधिक प्राविधानों के अन्तर्गत कठोर कार्यवाही की जायेगी।












