उरई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि विश्व जुनोटिक दिवस दिनाँक 6/07/2026 को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में एक अन्तर्विभागीय बैठक का आयोजन किया गया जिसमें जानवरों के द्वारा मनुष्य को काटने खरौचने या लार आदि के माध्यम से बीमारिया फैलती है जिसका अन्तर्विभागीय मीटिंग में चर्चा की गयी एवं जनमानस को अवगत कराना है कि रैबीज एक संक्रामक बीमारी है, जो संक्रमित कुत्ते बिल्ली, बन्दर, घोडे आदि के काटने, खरौचनें या लार आदि के माध्यम से फैलती है। इसमें बैक्सीनेशन ही बचाव है। अगर व्यक्ति रैबीज से संक्रमित हो जाये तो मृत्यु निश्चित है। इसलिये जब भी किसी व्यक्ति को कुत्ता बिल्ली, बन्दर, घोड़े आदि काटते है, तो सबसे पहले घाव को बहते हुये साफ पानी एवं साबुन से 15 मिनट तक धोए एवं नजदीकी चिकित्सालय में जाकर रैबीज का वैक्सीनेशन जरूर कराये। किसी झांड-फूक के बारे में न पडे और न ही घाव पर मिर्च पाउडर एवं तेल का प्रयोग करें। घाव को पटटी से न बाधे। कुत्ते को अकारण न छेड़े, अपने पालतु कुत्तो का टीकाकरण जरूर कराये तथा पालतु कुत्ते को आवारा कुत्तो के साथ न घूमने दे। आपके आवासीय क्षेत्र में कुत्ते, बिल्ली, बन्दर एवं अन्य जंगली जानवर अधिक हो तो नगर पालिका/नगर पंचायत में जाकर सूचना दे। जनपद की समस्त चिकित्सा इकाइयो पर रेबीज की वैक्सीन उपलब्ध है। चिकित्सा इकाइयो मे प्रशिक्षित चिकित्सको, फारर्मासिस्ट एवं स्टार्फ नर्स द्वारा वैक्सीनेशन किया जाता है। इस वर्ष माह जनवरी, 2026 से माह जून, 2026 तक जनपद में कुल 18777 लोगो को कुत्ता बिल्ली, बन्दर आदि द्वारा काटा गया जिन्हे मेडिकल कालेज, जिला अस्पताल, सी०एस०सी एवं पी०एस०सी० पर रैबीज बीमारी से बचाव हेतु टीके लगाये गये। प्रतिदिन समस्त चिकित्सा इकाईयों पर रैबीज से बचाव हेतु टीकाकरण किया जाता है समस्त चिकित्सा इकाईयों में प्रशिक्षित चिकित्सको एवं पैरामैडिकल स्टाफ द्वारा बताया जाता है कि कुत्ते आदि काटने के बाद क्या सावधानियों बरती जाये।













