धीरज कुमार बने आत्मनिर्भर, 15 लोगों को दिया रोजगार
कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना दिव्यांगजनों के लिए आत्मनिर्भरता का सशक्त माध्यम बन रही है। इसका उत्कृष्ट उदाहरण जनपद के दिव्यांग उद्यमी धीरज कुमार हैं, जिन्होंने इस योजना का लाभ लेकर न केवल अपना स्वरोजगार स्थापित किया, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराया।
धीरज कुमार को आईसक्रीम निर्माण का अनुभव था, लेकिन सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण वे अपना उद्योग स्थापित नहीं कर पा रहे थे। इसी दौरान उन्हें जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, कानपुर देहात के माध्यम से मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना की जानकारी प्राप्त हुई। योजना के अंतर्गत उन्हें बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, जैतपुर शाखा से लगभग 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ, जिसमें पूंजीगत ऋण पर 05 वर्षों तक ब्याज अनुदान का लाभ भी प्रदान किया गया। ऋण की सहायता से उन्होंने आधुनिक आईसक्रीम निर्माण मशीनें तथा सोलर पैनल स्थापित कर अपनी उत्पादन इकाई शुरू की। आज उनकी इकाई सफलतापूर्वक संचालित हो रही है और लगभग 15 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध करा रही है। इस सफलता से धीरज कुमार की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है। उनकी यह उपलब्धि अन्य युवाओं एवं दिव्यांगजन के लिए प्रेरणास्रोत है कि सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनते हुए दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना स्वरोजगार, उद्यमिता विकास एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रही है तथा आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।









