उद्योगों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की दिशा में बनेगा प्रभावी मॉडल, कालपी के लिए तैयार होगी दीर्घकालिक कार्ययोजना

 

उद्योग भी सुरक्षित रहेंगे और प्रदूषण की समस्या का भी निकलेगा स्थायी समाधान – मंडलायुक्त

जालौन। मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने सर्किट हाउस सभागार में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह की उपस्थिति में पेपर उद्योगों से जुड़े उद्यमियों तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
मंडलायुक्त ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों का संरक्षण प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए आवश्यक है, वहीं पर्यावरण संरक्षण भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इन दोनों उद्देश्यों के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जो समाधान प्रस्तुत किया गया है, वह व्यवहारिक और दूरदर्शी है। यदि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है तो उद्योगों को राहत मिलेगी और प्रदूषण की चुनौती का भी स्थायी समाधान निकल सकेगा। उन्होंने कहा कि कालपी क्षेत्र के औद्योगिक विकास को ध्यान में रखते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। किसी भी आधारभूत परियोजना का निर्माण केवल वर्तमान परिस्थितियों को देखकर नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाता है। इसी दृष्टिकोण से जल शोधन संयंत्र (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) सहित अन्य व्यवस्थाओं का भी पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि वर्ष 2045 तक की संभावित आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मजबूत एवं टिकाऊ आधारभूत ढांचा विकसित किया जा सके।मंडलायुक्त ने कहा कि कालपी तेजी से विकसित हो रहा है। ऐसे में औद्योगिक विस्तार, पर्यावरणीय मानकों और जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखते हुए एक समग्र एवं दीर्घकालिक योजना के तहत कार्य किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन, उद्योगों और संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों से ऐसा मॉडल विकसित होगा, जिससे उद्योगों की प्रगति भी सुनिश्चित होगी और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य भी प्रभावी रूप से प्राप्त किए जा सकेंगे।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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