कानपुर देहात में दहेज हत्या के एक मामले में एडीजे-4 न्यायालय ने दोषी कुलदीप प्रजापति को 7 वर्ष के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर आया।
मामला थाना डेरापुर क्षेत्र का है, जहां वर्ष 2024 में दहेज की मांग पूरी न होने पर विवाहिता को प्रताड़ित करने और गला दबाकर हत्या करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने साक्ष्य एकत्र कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
थाना डेरापुर पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन एवं मॉनिटरिंग सेल द्वारा की गई प्रभावी पैरवी और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने कुलदीप प्रजापति को दोषी करार दिया। वहीं सह-अभियुक्त जगदीश प्रजापति और माया देवी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया गया।
न्यायालय ने दोषी पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अपराधियों को सजा दिलाने और पीड़ितों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के लिए ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान लगातार चलाया जा रहा है।













