भक्ति में भाव का महत्व सर्वोपरि , भगवान प्रेम के भूखे हैं भोजन के नहीं : मुलायम सिंह यादव

 

बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कथा श्रवण से मनुष्य के भीतर सकारात्मक विचारों का संचार होता

रसूलाबाद कानपुर देहात। क्षेत्र के दयापुर्वा सिसाही गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महापुराण का शुभारंभ बृहस्पतिवार को पूर्व अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन कानपुर देहात एवं वरिष्ठ अधिवक्ता मुलायम सिंह यादव ने फीता काटकर किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान भजन और श्रद्धा भाव के भूखे होते हैं भोजन और वैभव के नहीं। सच्ची भक्ति और निष्काम प्रेम से ही ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है।

उन्होंने महाभारत का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब भगवान श्रीकृष्ण हस्तिनापुर पहुंचे थे तब दुर्योधन ने उनके स्वागत में छप्पन भोग की व्यवस्था की थी लेकिन भगवान ने उसका निमंत्रण स्वीकार नहीं किया। इसके विपरीत उन्होंने विदुर के घर जाकर विदुरानी के हाथों से प्रेमपूर्वक परोसा गया साधारण साग ग्रहण किया। यह प्रसंग बताता है कि ईश्वर के लिए बाहरी आडंबर नहीं बल्कि भक्त का प्रेम और समर्पण अधिक महत्वपूर्ण होता है।

मुलायम सिंह यादव ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज को नैतिकता सदाचार और मानवता का संदेश देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि कथा श्रवण से मनुष्य के भीतर सकारात्मक विचारों का संचार होता है तथा जीवन में आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने लोगों से कथा के माध्यम से मिलने वाली शिक्षाओं को अपने जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।

इससे पूर्व कथा व्यास आचार्य सरस एवं कथा वाचक सचिन मस्ताना का अंगवस्त्र एवं फूल-मालाओं से सम्मान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया।
कार्यक्रम के आयोजक रामचंद्र यादव ने मुख्य अतिथि मुलायम सिंह यादव सहित सभी अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का स्वागत एवं सम्मान किया।

इस अवसर पर सरजू नारायण यादव राम सजीवन जगदीश सिंह विनोद अशोक यादव अरविंद सिंह तेज सिंह राजेश सिंह रविंद्र सिंह रोहित मोहित सोहित राजेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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