कानपुर देहात – दो पहिया वाहनों जैसे बुलेट आदि में लगे मोडिफाई साइलेंसर व उनसे उत्पन्न होने वाली तेज आवाज और गाड़ियों में लगे कर्कश प्रेशर हॉर्न मोटर यान अधिनियम,1988 का उल्लंघन होने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा/जन सुरक्षा की दृष्टि से भी ख़तरनाक हैं, ऐसे वाहनों के विरुद्ध परिवहन विभाग,कानपुर देहात के प्रवर्तन अधिकारियों के द्वारा निरंतर कार्रवाई की जा रही है। माननीय उच्च न्यायालय के आदेश व परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर की जा रही कारवाई में मई माह में अब तक मोडिफाई साइलेंसर व प्रेसर हॉर्न(नॉइज़ पॉल्युशन)के अभियोग में .57वाहनों के विरुद्ध चालान/बंद की प्रक्रिया सम्पादित की गई है।ऐसे वाहनों व उनके चालको के विरुद्ध क्रमशः पंजीयन व ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की कार्यवाही भी प्रचलन में है। एवं बंद वाहनों के मोडिफाइड साइलेंसर रिप्लेस करवा कर ही वाहनों को रिलीज किया जा रहा है।
साथ ही प्रवर्तन दलों/अधिकारियों के द्वारा जनपद के विभिन्न एरिया-अकबरपुर, माती,भोगिनीपुर, सिकंदरा,रूरा,रसूलाबाद,रानियां, सट्टी आदि में मोटर गैराजों/एजेंसीज का औचक निरीक्षण भी किया। सभी गैराज संचालकों को निर्देश दिए गए कि किसी भी वाहन में मोडिफाई साइलेंसर न लगाया जाए। ऐसा करने पर गैराज संचालक और वाहन मालिक दोनों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।नियमो का उल्लंघन कर संचालित व ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। आम जनमानस से अपील है कि नियमों का पालन करें,अपने वाहन में मोडिफाई साइलेंसर,प्रेशर हॉर्न आदि को न तो फिट कराएँ और न ही उपयोग करें और जनपद में शांत वातावरण को बनाए रखने व सुरक्षित परिवहन में सहयोग करें।









