कानपुर देहात। जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने विशेष अभियान चलाया। तीन दिन तक चले इस अभियान में रुरा और अकबरपुर क्षेत्र के बड़े व्यापारियों और स्टॉकिस्टों के यहां छापेमारी कर घी और खाद्य तेल के नमूने जांच के लिए कब्जे में लिए गए।
यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश, लखनऊ तथा जिलाधिकारी आलोक सिंह के निर्देश पर की गई। अभियान का नेतृत्व सहायक आयुक्त (खाद्य)-II राम अवतार सिंह ने किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने कई प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
रुरा के जगदीश एंड कंपनी से विभोर ब्रांड घी का नमूना लिया गया। वहीं जय माँ गायत्री ट्रेडर्स से महाकोष ब्रांड खाद्य तेल का सैंपल भरा गया। अकबरपुर स्थित राम किशोर बृजेश कुमार प्रतिष्ठान से न्यूट्रीप्लस रिफाइंड सोयाबीन ऑयल और राग गोल्ड रिफाइंड पामोलिन ऑयल के नमूने जांच के लिए भेजे गए। बताया गया कि न्यूट्रीप्लस तेल नेपाल से आयातित है।
सहायक आयुक्त राम अवतार सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार के निर्देश पर अन्य राज्यों और विदेशों से आने वाले खाद्य तेल और घी की गुणवत्ता की जांच कराई जा रही है। सभी नमूनों को राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट में यदि कोई नमूना अधोमानक या असुरक्षित पाया जाता है तो संबंधित फर्म और निर्माता कंपनी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि खाद्य सामग्री खरीदते समय पैकेट पर अंकित एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर और निर्माण तिथि अवश्य जांचें। मिलावट की शिकायत टोल फ्री नंबर 1800-180-5533 पर दर्ज कराई जा सकती है।













