पीडब्ल्यूडी विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, ग्रामीणों ने कहा— ‘सरकारी धन से हो रहा खिलवाड़’
औरैया। जनपद के रोशनपुर क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य को लेकर शनिवार को उस समय बड़ा हंगामा खड़ा हो गया, जब दर्जनों ग्रामीण अचानक निर्माण स्थल पर पहुंच गए और कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए काम रुकवा दिया। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में भारी भ्रष्टाचार, घटिया सामग्री के प्रयोग और विभागीय लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि कई लोग सड़क निर्माण में लगी रोलर मशीन पर चढ़ गए और जमकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रही है, जबकि जमीनी स्तर पर विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से घटिया निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा। लोगों ने बताया कि सड़क पर डाला जा रहा डामर बेहद घटिया गुणवत्ता का है और सड़क की परत इतनी कमजोर है कि हाथ लगाने भर से उखड़ जा रही है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने मौके पर ही अपने हाथों से सड़क की ऊपरी परत उखाड़कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोल दी। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि जिस सड़क को गांव के विकास और लोगों की सुविधा के लिए बनाया जा रहा है, उसी में भ्रष्टाचार का खेल खुलकर किया जा रहा है। लोगों का कहना था कि सड़क बनने से पहले ही उखड़ने लगी है, जिससे साफ जाहिर होता है कि निर्माण कार्य में तय मानकों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण कार्य में न तो गुणवत्ता की जांच की जा रही है और न ही संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण कर रहे हैं। लोगों का कहना था कि यदि समय रहते इस निर्माण कार्य की जांच नहीं कराई गई तो कुछ ही दिनों में सड़क पूरी तरह खराब हो जाएगी और लाखों रुपये की सरकारी धनराशि बर्बाद हो जाएगी। हंगामे और विरोध प्रदर्शन के चलते मौके पर काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। निर्माण कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा और मजदूरों को काम बंद करना पड़ा। ग्रामीण लगातार प्रशासन और उच्च अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते रहे। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की कि सड़क निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और निर्माण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों तथा संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।












