कानपुर देहात जिला समाज कल्याण अधिकारी गीता सिंह ने बताया कि प्रमुख सचिव, समाज कल्याण उ०प्र०शासन के शासनादेश के द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग एवं सामान्य वर्ग के गरीब व्यक्तियों के पुत्रियों की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना क्रियान्वयन के सम्बन्ध में नवीन एस०ओ०पी०/विस्तृत दिशा-निर्देश दिये गये है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में उक्त योजना के अन्तर्गत जनपद का कुल भौतिक लक्ष्य 752 निर्धारित किया गया है। शासन/विभागीय निर्देशानुसार त्रैमासिक लक्ष्य की पूर्ति किये जाने हेतु माह जून 2026 में योजनान्तर्गत वैवाहिक कार्यक्रम प्रस्तावित है। अतः जनपद के अधिक से अधिक पात्र आवेदक इस योजना का लाभ लेने के लिए वेबसाइट https://cmsvy.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है, जिससे उन्हें योजना से लाभान्वित किया जा सके। पात्रता की मुख्य शर्तें निम्नवत हैः-
1- कन्या के अभिभावक उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हों।
2- कन्या/कन्या के अभिभावक निराश्रित, निर्धन तथा जरूरतमंद हो।
3- आवेदक के परिवार की वार्षिक आय सीमा अधिकतम रू0 3.00 लाख तक होगी।
4- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के पोर्टल पर किये गये आवेदन की तिथि को कन्या की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी अनिवार्य है तथा वर की आयु विवाह की तिथि को 21 वर्ष पूर्ण हो गयी हो। आयु की पुष्टि के लिए स्कूल शैक्षिक रिकार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, आधार कार्ड मान्य होंगे।
5- कन्या अविवाहित हो अथवा विधवा, परित्यक्ता / तलाकशुदा हो, जिसका कानूनी रूप से विवाह विच्छेद/तलाक हो गया हो एवं पुनर्विवाह किया जाना हो।
6- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाण
पत्र प्रस्तुत करना होगा।
7- विवाह हेतु निराश्रित कन्या, विधवा महिला की पुत्री, दिव्यांगजन अभिभावक की पुत्री, ऐसी कन्या जो स्वयं दिव्यांग हो, को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।
अग्निकांड के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव हेतु जनपद के समस्त नागरिकों हेतु जन-जागरूकता, सुरक्षा एवं बचाव हेतु दिशा-निर्देश
कानपुर देहात अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य ने बताया कि वर्तमान में गर्मी का मौसम प्रारम्भ हो गया है, गर्मी के मौसम में अग्निकांड़ की घटनायें भी घटित होती रहती है, जिसमें थोड़ी सी चुक के कारण लोगों के खेतों एवं घरो में आग लग जाती है। आग लगने के कारण फसल जल जाती है जिससे कृषको को नुकसान होता, कभी-कभी आग लगने के कारण जनहानि एवं पशुहानि भी हो जाती है, जो संबंधित परिवार के लिये त्रासदी बन जाती है। इन बहुमूल्य जिन्दगियों को अग्निकांड के कारण होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव हेतु जनपद कानपुर देहात के समस्त नागरिकों हेतु जन-जागरूकता, सुरक्षा एवं बचाव हेतु निम्नवत् दिशा-निर्देश जारी किये जाते हैं।
“क्या करें और क्या न करें”
क्या करें-
घरों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए पुरानी वायरिंग को समय रहते बदल दें।
ए०सी० को लगातार कई घंटो तक न चलायें, बीच-बीच में कुछ घंटो के लिए बंद कर दें।
किसी भी छोटी चिंगारी को अन्देखा ना करें क्योकि वो बड़ी आग में बदल सकती है।
खाना बनाते समय पानी से भरे बाल्टी हमेशा अपने साथ रखें।
खाना बनाने के बाद चुल्हे को तथा रेग्युलेटर को अच्छे से बन्द करें।
मोमबत्ती व अंगीठी का अगर इस्तेमाल करना पडे तो उसे सुरक्षित स्थान पर रखें।
माचिस, लाइटर एवं अन्य ज्वलनशील वस्तुओं को बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
खेतों से अपनी फसल को काट कर सुरक्षित स्थान पर रखें।
अपने क्षेत्र के अग्निशन विभाग का नम्बर साद रखें एवं आवश्यकता पड़ने पर अग्निशन विभाग को कॉल करें।
अपने पशुओं को सुरक्षित स्थान पर बांधे।
क्या न करें-
घरों में तारों से निकलने वाले चिंगारी को नजर अंदाज ना करें।
बिस्तर पर धूम्रपान न करें।
खडी फसल के किनारे खाना ना बनायें।”
चूल्हे की चिंगारी व गरम राख कूड़े के ढेर पर न फेंके।
जब तक सूखी फसल खड़ी हो तब तक खेतो के आस-पास खरपतवार ना जालायें।
रसोईघर में अनावश्यक ज्वलन पदार्थ न रखें, खेतों में बीडी, सिगरेट आदि को जलता हुआ न फेंके।











