कानपुर देहात के राजपुर में एम्बुलेंस का बड़ा खुलासा हुआ है यह तीन तीन एम्बुलेंस ने मात्र 3 महीने में 667 फर्जी चक्कर लगाएं यह मामला पूरे प्रदेश में चल रही एम्बुलेंस फर्जीवाड़े की जांच के दौरान सामने आया है जिसमें सीमावर्ती जनपदों में भी कई ऐसे मामले उजागर हुए हैं सरकार द्वारा गंभीर रूप से बीमारी या दुर्घटना में घायल मरीजों को एंबुलेंस के जरिए तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई है इस सेवा के तहत सेवा प्रदाता कंपनी और सरकार के बीच मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने का समझोता होता है इसके बदले में शान कंपनी को लाभार्थियों की संख्या के आधार पर भुगतान करता है हालांकि एंबुलेंस सेवा प्रदाता कंपनियों मरीजों की फर्जी संख्या दिखाकर भुगतान हासिल कर रही है इसी तरह फर्जी वाडा कानपुर देहात में भी सामने आया है शासन के निर्देश पर जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सीएचसी और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पीएचसी के रिकार्ड की जांच कराई आ रही है राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत संचालित तीन एंबुलेंस गाड़ी संख्या 1679,1934,2920, की जांच में यह फर्जी वाडा उजागर हुआ है दिसंबर 2025 में इन तीनों एम्बुलेंस में कुल 993 चक्कर लगाए जिनमें से 678 सही पाए गए जबकि 315 गलत निकल इसी तरह जनवरी 2026 में 621 चक्कर लगाए गए जितने से 458 सही है और 173 गलत पाए गए फरवरी 2026 में 720 चक्कर लगाए गए जिनमें से 541 सही और 179 फर्जी पाए गए इस प्रकार दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक 3 महीना में कुल 2344 चक्कर लगाए गए इनमें से 1677 सही थे जबकि 667 मामले फर्जी पाए गए सत्यापन के दौरान जिन लोगों के नाम पर एंबुलेंस सेवा का ब्यौरा दिया गया था उन्होंने एम्बुलेंस सेवा लेने से इनकार किया है राजपुर पीएचसी के अधिक्षक डॉ सलिल सचान ने बताया कि तीन महीने के सत्यापन मे 667 मामले फर्जी पाए गए जिसकी रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेज दी गई है
संवाददाता साहिल कटियार








