नव निर्माण के नौ वर्ष विकास, सुशासन और जनकल्याण की नई पहचान बना उत्तर प्रदेश

 

 प्रभारी मंत्री  संजय सिंह गंगवार ने वर्चुअल प्रेसवार्ता में गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, कहा हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा प्रदेश

जालौन  प्रदेश सरकार के ‘नव निर्माण के नौ वर्ष’ पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार में मा० प्रभारी मंत्री/मा० मंत्री गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, उत्तर प्रदेश सरकार  संजय सिंह गंगवार ने वर्चुअल माध्यम से प्रेसवार्ता कर विकास भवन के रानी लक्ष्मीबाई सभागार में सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने कृषि, सिंचाई, गन्ना, महिला सशक्तीकरण, सामाजिक सुरक्षा, कानून व्यवस्था, निवेश, रोजगार, आधारभूत संरचना, तकनीक और पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर देश में अपनी अलग पहचान बनाई है।
मा0 प्रभारी मंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज केवल जनसंख्या के लिहाज से ही नहीं, बल्कि विकास की गति, जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सुशासन के मॉडल के रूप में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र से राज्य सकल घरेलू उत्पाद 2.96 लाख करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 6.95 लाख करोड़ रुपये हो गया। कृषि विकास दर में हुई उल्लेखनीय वृद्धि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है, जहां कुल उपलब्ध भूमि का 76 प्रतिशत कृषि कार्य में उपयोग हो रहा है और 86 प्रतिशत से अधिक भूमि सिंचित है। फल एवं सब्जी उत्पादन में भी प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। किसान कल्याण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद किसानों की ऋणमाफी का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, जिससे 86 लाख से अधिक लघु एवं सीमान्त किसान लाभान्वित हुए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से करोड़ों किसानों के खातों में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाई गई। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत भी बड़ी संख्या में बीमित कृषकों को क्षतिपूर्ति का लाभ मिला है। फार्मर रजिस्ट्री अभियान के माध्यम से लाखों किसानों की फार्मर आईडी जारी कर योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कृषि के साथ-साथ मंडी व्यवस्था को भी आधुनिक और किसान हितैषी बनाया है। ‘यू.पी. मंडी भाव’ मोबाइल एप के माध्यम से किसानों को बाजार भाव और मौसम की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। मंडियों में ई-पास, डिजिटल पेमेंट, किसान विश्रामालय और कैंटीन जैसी सुविधाओं से किसानों को बड़ी राहत मिली है। प्राकृतिक खेती और जैविक खेती को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है तथा आगामी वर्षों में पूरे प्रदेश में प्राकृतिक खेती के बड़े क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। गन्ना किसानों के हित में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए मा0 प्रभारी मंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज गन्ना एवं चीनी उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। गन्ना क्षेत्रफल, उत्पादकता, चीनी मिलों की क्षमता और एथेनॉल उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अप्रैल 2017 से फरवरी 2025 तक गन्ना किसानों को 3.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड भुगतान किया गया, जो सरकार की किसान प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ‘caneup.in’ पोर्टल, ‘ई-गन्ना’ ऐप, स्मार्ट गन्ना किसान प्रोजेक्ट और टोल फ्री नंबर जैसी व्यवस्थाओं से गन्ना किसानों को पारदर्शी और त्वरित सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सिंचाई के क्षेत्र में भी प्रदेश ने ऐतिहासिक कार्य किए हैं। नहरों के पुनर्जीवन, सिल्ट सफाई, नलकूप निर्माण, पम्प नहरों की स्थापना और सिंचाई परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश का सिंचित क्षेत्र बढ़कर 105 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। 1309 सिंचाई परियोजनाओं के पूर्ण होने से 52.13 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता का सृजन हुआ है, जिससे करोड़ों कृषक परिवारों को लाभ मिला है। महिला सशक्तीकरण को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए मा0 प्रभारी मंत्री जी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों, बीसी सखी, विद्युत सखी, लखपति महिला योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मिशन शक्ति जैसे कार्यक्रमों ने महिलाओं को नई ताकत दी है। आज प्रदेश में करोड़ों महिलाएं समूहों से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों में सहभागी बनी हैं। महिला श्रम बल भागीदारी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। आंगनबाड़ी सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के मानदेय में वृद्धि का निर्णय भी सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वृद्धजन, निराश्रित महिलाएं, दिव्यांगजन और जरूरतमंद परिवारों के लिए संचालित योजनाओं ने समाज के कमजोर वर्गों को नया संबल दिया है। पेंशन योजनाओं का दायरा बढ़ाया गया है और अप्रैल 2026 से पेंशन राशि में और वृद्धि का निर्णय लिया गया है। मिशन जीरो पॉवर्टी के माध्यम से गरीब परिवारों को चिन्हित कर उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे स्थायी रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।प्रभारी मंत्री ने कहा कि कानून व्यवस्था के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने बड़ा बदलाव देखा है। अपराध और अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति, महिला सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति, साइबर सुरक्षा तंत्र की मजबूती, यूपी-112 के रिस्पांस टाइम में सुधार तथा तकनीकी उन्नयन ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को नई मजबूती दी है। महिला एवं बाल अपराधों के निस्तारण में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी स्थान पर है। प्रत्येक जनपद में साइबर हेल्प डेस्क, महिला सहायता तंत्र और आधुनिक पुलिसिंग व्यवस्था स्थापित की गई है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक नेटवर्क और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार ने विकास की रफ्तार को नई दिशा दी है। वर्तमान में प्रदेश देश के सबसे बड़े एमएसएमई हब के रूप में उभरा है। निजी निवेश प्रस्तावों, ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी, डिफेंस कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, डेटा सेंटर, फार्मा और एआई आधारित उद्योगों में बढ़ते निवेश से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से लाखों युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। मिशन रोजगार, कौशल विकास मिशन, शिक्षुता प्रोत्साहन, रोजगार मेले, स्टार्टअप नीति, टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण तथा स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। उत्तर प्रदेश आज देश के प्रमुख स्टार्टअप इकोसिस्टम में शामिल है और नवाचार की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पर्यटन और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का जिक्र करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि काशी, अयोध्या, मथुरा, नैमिषारण्य, चित्रकूट, विंध्य धाम और अन्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास से उत्तर प्रदेश की पहचान और मजबूत हुई है। वर्ष 2025 में प्रदेश में रिकॉर्ड पर्यटक आगमन हुआ और घरेलू पर्यटन में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर रहा। सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी इससे बढ़ावा मिला है। मा0 प्रभारी मंत्री जी ने कहा कि ‘नव निर्माण के नौ वर्ष’ केवल उपलब्धियों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि सुशासन, पारदर्शिता, संवेदनशीलता और समावेशी विकास की एक सशक्त यात्रा है। सरकार का प्रयास है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे और उत्तर प्रदेश विकास के प्रत्येक मानक पर देश के अग्रणी राज्यों में बना रहे।
इस अवसर पर सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक डॉ0 दुर्गेश कुमार, मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, जल शक्ति के प्रतिनिधि अरविंद चौहान, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह आदि जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण मौजूद रहे।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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