जिलाधिकारी की तत्परता से सुलझी भूमि विवाद की समस्या, फरियादी के चेहरे पर लौटी मुस्कान
जालौन – जनपद में प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही का एक प्रेरक उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने जनसुनवाई के दौरान एक बुजुर्ग फरियादी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान सुनिश्चित कराया। सुबह से ही अपने कार्यालय में जनसुनवाई कर रहे जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने दूर-दराज से पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए।
इसी दौरान तहसील कालपी के ग्राम आलमपुर निवासी लगभग 80 वर्षीय रामदयाल ने अपनी भूमि से संबंधित समस्या जिलाधिकारी के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि मौजा सुल्तानपुर उवारी, परगना कालपी स्थित उनकी आराजी में अंश निर्धारण के दौरान उनका हिस्सा शून्य (0.000 हे.) कर दिया गया, जिससे वे व्यवहारिक रूप से भूमिहीन हो गए थे। इस गंभीर स्थिति को जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान में लिया और उप जिलाधिकारी कालपी को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देशों का त्वरित अनुपालन करते हुए संबंधित राजस्व टीम ने रिकॉर्ड का परीक्षण कर त्रुटि को सुधारा और मात्र दो घंटे के भीतर खतौनी को अपडेट कर दिया। जब रामदयाल को उनकी संशोधित खतौनी सौंपी गई, तो उनके चेहरे पर संतोष और खुशी साफ झलक रही थी।जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच है, जहां प्रत्येक शिकायत को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन की समस्याओं के निस्तारण में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप लोगों को समय पर न्याय मिल सके





