जिलाधिकारी ने दिए निर्देश किसानों को किसी भी स्थिति में असुविधा न हो, खरीद प्रक्रिया रहे निर्बाध
जालौन – शासन के निर्देशों के क्रम में जनपद में गेहूं खरीद व्यवस्था को और अधिक सरल एवं किसान हितैषी बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लागू किया गया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा जारी नवीन आदेशों के अनुपालन में अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जिन किसानों के पंजीकरण विवरण का सत्यापन अभी लंबित है, उनके गेहूं क्रय में किसी प्रकार की बाधा न आने दी जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासन द्वारा यह व्यवस्था लागू की गई है कि यदि किसी किसान का पंजीकरण सत्यापन किसी कारणवश पूर्ण नहीं हो पाया है, तो भी संबंधित क्रय केंद्र प्रभारी किसानों से आवश्यक अभिलेखों—जैसे कंप्यूटरीकृत खतौनी, आधार कार्ड, पहचान पत्र आदि—के आधार पर स्वयं सत्यापन करते हुए गेहूं खरीद सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था 30 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रूप से लागू रहेगी, जिससे किसी भी पात्र किसान को अपनी उपज बेचने में कठिनाई का सामना न करना पड़े। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया है कि किसानों के पंजीकरण से संबंधित भूमि एवं अन्य विवरणों का अंतिम सत्यापन बाद में राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा।जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस व्यवस्था का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि किसानों में किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने और वे निर्भीक होकर अपने नजदीकी क्रय केंद्रों पर गेहूं विक्रय कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि क्रय केंद्रों पर पारदर्शिता, समयबद्धता एवं सुगमता बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।







