
भारतीय जनता पार्टी कानपुर देहात सिकंदरा विधानसभा की बाबा भीमराव अंबेडकर जयंती की संगोष्ठी मानपुर सिकंदरा में संपन्न हुई इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल राज्य मंत्री अजीत पाल ने महापुरुषों के चित्र पर पुष्प अर्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल संगोष्ठी में बोलते हुए कहा भारत रत्न बाबा भीमराव अंबेडकर का अपमान कांग्रेस ने जीवन भर किया उनको संविधान सभा में जाने नहीं दिया उनको बंगाल कोटे से जाना पड़ा जोगिंदर लाल मंडल जैगोर एवम खुल्ला से निर्वाचित हुए थे उसको बंटवारे में में पाकिस्तान को दे दिया जबकि उस समय हिंदू आबादी 72% के करीब थी कांग्रेस नहीं चाहती थी कि बाबा भीमराव अंबेडकर संविधान सभा में आए जनसंघ के पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने बाबा भीमराव अंबेडकर को एक सदस्य का इस्तीफा कराकर चुनाव लड़ाया लेकिन नेहरू जी ने चुनाव हराने का काम किया 1952 और 1954 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें हराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी 27 दिसंबर 1991 को बाबा साहब ने नेहरू मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया हिंदू कोड बिल जो बराबरी का अधिकार देता था कांग्रेस सरकार ने उसे पारित नहीं किया जिससे क्षुब्द होकर होकर उन्होंने इस्तीफा दिया पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के पहल के कारण 1990 में बाबा भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न मिला संसद में भीमराव अंबेडकर का चित्र लगाया एवं संविधान दिवस मनाया गया राहुल गांधी को बताना चाहिए बाबा जी ने संविधान सभा से इस्तीफा क्यो दिया भाजपा ने बाबा के सम्मान में पंच तीर्थ बनाए सभी को समानता का अधिकार दिया अगडे एवं पिछड़े का भेद को दूर किया
समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए क्षेत्रीय अध्यक्ष ने कहा सपा अराजकता वाली पार्टी है उनके समय में पुलिस स्टेशन गुंडे चलाते थे चारों तरफ भय का वातावरण था नौकरियां केवल एक समुदाय को मिलती थी चारों तरफ भ्रष्टाचार का बोलबाला था अखिलेश के पी डी ए का अर्थ समय-समय पर बदलता रहता है उसका सही अर्थ है पावर ऑफ डिंपल अखिलेश भारतीय जनता पार्टी अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति का विकास करना मुख्य उद्देश्य है देश को संबंध बनाना भारत को विश्व गुरु बनाना सबका साथ सबका सम्मान के नारे पर विश्वास करती है राज्य मंत्री अजीत पाल ने संबोधित करते हुए कहा बाबा भीमराव अंबेडकर दूरदर्शी थे दबे को चले समाज को सम्मान देने के लिए वह लड़ते रहे 1955 में नेहरू जी ने खुद को भारत रत्न दे दिया 1971 में इंदिरा गांधी जी ने खुद ने भारत रत्न ले लिया लेकिन बाबा भीमराव अंबेडकर को कभी भारत रत्न नहीं दिया इस दौरान महामंत्री सुमित दिवाकर अखिलेश सोनकर राकेश तिवारी क्रांतिवीर सिंह मोहित दुबे विनय तिवारी राजन शुक्ला उमेश बाबू कुशवाहा कुलदीप सिंह अजय दीक्षित विकास मिश्रा जिला मीडिया प्रभारी आदि रहे।











