100 कृषकों को प्रशिक्षण देकर उद्यान विभाग की योजनाओं एवं अनुदान की दी गई जानकारी
कानपुर देहात। संचालित ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ (माइक्रो इरीगेशन) योजना के अंतर्गत शुक्रवार को नवीन सभागार, जिला पंचायत भवन, माती, कानपुर देहात में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 100 कृषकों को सूक्ष्म सिंचाई पद्धति, उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं, सरकार द्वारा दिए जाने वाले अनुदान तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम में जिला उद्यान अधिकारी डॉ. बलदेव प्रसाद ने कृषकों को संबोधित करते हुए कहा कि सूक्ष्म सिंचाई पद्धति अपनाकर पानी की बचत करने के साथ ही फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है। इससे खेती की लागत कम करने तथा खरपतवार की समस्या को नियंत्रित करने में भी सहायता मिलती है। उन्होंने कृषकों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
उन्होंने एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत औद्यानिक फसलों की खेती के साथ बागवानी को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण एवं आधुनिक तकनीकों के माध्यम से कृषकों की आय में वृद्धि करते हुए उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाया जा सकता है। इस दौरान कृषकों को योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाले अनुदान की प्रक्रिया एवं पात्रता के संबंध में भी जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में भंडार प्रभार, भामाशाह भाव स्थिरता कोष तथा आलू बीज अनुदान कार्यक्रम के संबंध में भी कृषकों को जानकारी प्रदान की गई। आलू की उत्पादकता एवं गुणवत्ता बढ़ाने, उन्नत किस्मों के प्रयोग तथा कृषि उत्पादों को निर्यात के निर्धारित मानकों के अनुरूप तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। बताया गया कि कृषि एवं औद्यानिक उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार तथा किसानों की आय में वृद्धि से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग मिलेगा।
कार्यक्रम में जैन इरीगेशन, देव पॉलीमर्स, वेस्टवेल, उत्कर्ष इरीगेशन एवं त्यागी सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। प्रतिनिधियों ने कृषकों को ड्रिप एवं अन्य सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों की तकनीकी विशेषताओं, उनके उपयोग तथा फसलों में सिंचाई की आधुनिक विधियों के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक घनश्याम ने संचालित मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना एवं एससीपी राज्य सेक्टर योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कृषकों को शाकभाजी की खेती तथा फलदार पौधों में लगने वाले प्रमुख कीटों, उनसे होने वाले नुकसान और उनकी रोकथाम के उपायों के बारे में भी जागरूक किया।
कार्यक्रम में जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी अखिलेश कुमार अग्निहोत्री ने खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कृषकों को स्वरोजगार एवं आयवर्धन के अवसरों से अवगत कराया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में उद्यान विभाग के समस्त कर्मचारी, रमेश चन्द्र कटियार, सहायक उद्यान निरीक्षक तथा सुरेश कुमार, प्रभारी चौकीदार सहित अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।












