डीएपी को लेकर किसानों को राहत, समितियों पर पर्याप्त स्टॉक—डीएम

 

कौंच क्षेत्र की तीन सहकारी समितियों का निरीक्षण कर डीएम ने परखी खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था, बोले—किसान धैर्य रखें, जरूरत के अनुसार ही लें डीएपी

जालौन। रबी फसलों की बुवाई का समय नजदीक आते ही किसानों को खाद की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने निगरानी और आपूर्ति व्यवस्था को और सक्रिय कर दिया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी समीर ने तहसील कौंच क्षेत्र में सहकारी समिति क्रय-विक्रय केंद्र, सहकारी समिति झुझारपुरा तथा सहकारी समिति अंडा का निरीक्षण कर डीएपी की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान तीनों समितियों पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध मिली।
जिलाधिकारी ने समितियों पर मौजूद किसानों से सीधे संवाद कर खाद की उपलब्धता और वितरण के संबंध में जानकारी ली। किसानों को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि जनपद में डीएपी खाद की कोई कमी नहीं है। किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार नियमानुसार खाद उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और अपनी जोत एवं फसल की आवश्यकता के अनुसार ही डीएपी की खरीद करें। जिलाधिकारी ने कहा कि मटर और गेहूं की बुवाई का सीजन शुरू होने वाला है, इसलिए किसानों को डीएपी की आवश्यकता स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी। इसे देखते हुए जनपद की प्रत्येक साधन सहकारी समिति पर खाद की उपलब्धता की लगातार समीक्षा की जा रही है। रैक्स के माध्यम से आने वाली नई आपूर्ति पर भी प्रशासन की लगातार नजर है, ताकि जहां आवश्यकता हो वहां समय से खाद उपलब्ध कराई जा सके।उन्होंने कहा कि किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। खाद की उपलब्धता सुनिश्चित है और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार सभी किसानों को क्रम से खाद मिलेगी। जिन क्षेत्रों में खेतों में पानी भरा है, वहां पानी निकलने के बाद बुवाई का कार्य शुरू होगा। ऐसे में किसानों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि आवश्यकता से अधिक खाद खरीदकर भंडारण करने के बजाय अपनी फसल और जोत के अनुसार ही डीएपी लें, जिससे सभी किसानों को समय से खाद मिल सके। जिलाधिकारी ने किसानों को यह भी सलाह दी कि वे अपनी फार्मर रजिस्ट्री, खतौनी एवं आधार सत्यापन से संबंधित प्रक्रिया पूर्ण रखें तथा बोई जाने वाली फसल का रिकॉर्ड सही ढंग से दर्ज है या नहीं, यह भी सुनिश्चित कर लें। इससे खाद प्राप्त करने की प्रक्रिया और अधिक सुगम होगी। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने समितियों के सचिवों को निर्देशित किया कि खाद वितरण व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित एवं सुचारू बनाया जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक रूप से लंबा इंतजार न करना पड़े। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जैसे ही किसी समिति पर डीएपी का स्टॉक निर्धारित स्तर से नीचे आने लगे, तत्काल मांग भेजी जाए, जिससे जनपद स्तर से तैयार वितरण योजना के तहत समय रहते वहां खाद की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। समितियों पर उपलब्ध स्टॉक की लगातार निगरानी की जा रही है और नई आपूर्ति की भी नियमित समीक्षा हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य है कि रबी सीजन में किसानों को खाद के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े और बुवाई का कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें