कानपुर देहात। फाइलेरिया मुक्ति अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकबरपुर एवं राजपुर में सीएचओ-पीएसपी समीक्षा बैठक, एमएमडीपी प्रशिक्षण, फाइलेरिया के अद्यतन दिशा-निर्देशों की जानकारी एवं एमएमडीपी डेमोंस्ट्रेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। साथ ही सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में पेशेंट सेल्फ केयर प्लेटफॉर्म (पीएसपी) के गठन को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम में फाइलेरिया रोग के प्रबंधन, आगामी एमडीए अभियान, पेशेंट सेल्फ केयर, संचारी रोगों की रोकथाम तथा यूडीएसपी, आईएचआईपी, ई-कवच एवं सीएस प्रो पोर्टल पर डेटा को सुरक्षित, सटीक और अद्यतन रखने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया।
इसके अलावा क्षय रोग, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, डेंगू, मलेरिया, पोषण, स्वच्छता तथा आयुष एवं योग आधारित स्वास्थ्य गतिविधियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
अकबरपुर में कुल 48 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया, जबकि राजपुर में 32 प्रतिभागियों के साथ 18 फाइलेरिया मरीज उपस्थित रहे। इस दौरान जिला मलेरिया अधिकारी मारुति दीक्षित, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आई.एच. खान, डब्ल्यूएचओ जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. राहुल सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, सीएचओ, एएनएम, संगिनी एवं डीसीजी सदस्य मौजूद रहे।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सभी चिन्हित फाइलेरिया मरीजों को संशोधित एमएमडीपी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाए। साथ ही सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर फाइलेरिया मरीजों की लाइन लिस्ट तैयार कर उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाए और पात्र मरीजों के दिव्यांगता कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
इसके साथ ही गैर-पीएसपी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर पीएसपी का गठन कर आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान, पंचायत सहायक, कोटेदार, नोडल अध्यापक और मरीजों सहित समुदाय के विभिन्न सदस्यों को इसमें जोड़े जाने पर जोर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार इससे फाइलेरिया, क्षय रोग एवं गैर संचारी रोगों से प्रभावित मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के साथ-साथ सामुदायिक स्वास्थ्य जागरूकता भी बढ़ेगी।









