कानपुर देहात। वर्ष 2014 के बहुचर्चित हत्या मामले में अदालत ने दोषी मो. शरीफ को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (त्वरित न्यायालय प्रथम) ने अभियुक्त पर 27 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे पांच माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, 27 सितंबर 2014 को मो. शरीफ ने वादिनी के पति की हत्या कर दी थी। बाद में 12 दिसंबर 2014 को उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त अवैध शस्त्र भी बरामद हुआ था। इस संबंध में थाना अकबरपुर में हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे।
पुलिस ने विवेचना के दौरान साक्ष्य जुटाकर समयबद्ध तरीके से आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। कोर्ट में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार दिया।
पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत थाना अकबरपुर पुलिस, अभियोजन, कोर्ट पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल की प्रभावी पैरवी से मामले में दोषसिद्धि सुनिश्चित हुई। न्यायालय के इस फैसले को अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।














