राजपुर (कानपुर देहात)। राजपुर कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों और आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन लोग इनके हमलों का शिकार हो रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी-पीएचसी) में प्रतिदिन 30 से 40 लोग एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं।
राजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में ही रोजाना 10 से 15 लोग कुत्तों के काटने के बाद उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए सीएचसी और पीएचसी में 24 घंटे एंटी रेबीज इंजेक्शन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, ताकि घायलों को समय पर इलाज मिल सके।
इन दिनों बंदरों के झुंड प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, थाना, ब्लॉक कार्यालय और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर डेरा जमाए हुए हैं। ये बंदर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर अचानक हमला कर रहे हैं। पिछले तीन दिनों में ही करीब 10 लोग बंदरों के हमले में घायल हो चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बंदरों का आतंक इतना बढ़ गया है कि लोगों का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। कस्बे में दहशत का माहौल बना हुआ है।
दीपक मिश्रा, रामू कटियार, उवीदत उपाध्याय और अरशद मसूरी समेत कई स्थानीय लोगों ने वन विभाग और नगर पंचायत से बंदरों को पकड़वाने की मांग की है। नगर पंचायत की ईओ निती श्रीवास्तव ने बताया कि इस संबंध में वन विभाग को पत्र भेजा गया है और जल्द ही बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई कराई जाएगी।
संवाददाता
साहिल कटियार
सिकंदरा कानपुर देहात













