अब घाटों से ट्रक चालक अपने ट्रकों में मौरम नहीं भर सकेंगे पूरी तरह प्रशासन ने तैयारी कर प्रतिबंध लगाया
कालपी (जालौन) शासन तथा जिलाधिकारी के निर्देशानुसार 30 जून मध्य रात को से कालपी तहसील क्षेत्र यमुना तथा बेतवा नदी में बालू खनन तीन माह के लिए पूरी रोक पूर्व की भांति लग जाएगी तथा यमुना तथा बेतवा नदी विभिन्न घाटों से मौरम का उठान 1 जुलाई से 30 सितंबर तक बालू खनन पूरी तरह से बंद रहेगा स्थानीय प्रशासन के द्वारा इसके लिए पुख्ता इंतजाम की तैयारी कर ली गई है फिर भी कोई भी ट्रक वाला बंद सुधा घाटों से मौरम भरकर ट्रकों से सड़कों में चलना महंगा पड़ेगा वहीं स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की चैकिंग से चाहे कोई भी कितनी पहुंच कर क्यों न हो यदि चैकिंग दौरान पकड़ा गया किसी भी सूरत में छोड़ नहीं जाएगा।
प्रत्येक वर्ष बरसात के मौसम में पर्यावरण संरक्षण एवं सुरक्षा कारणों से नदियों में बालू खनन पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया जाता है इस वर्ष भी 30 जून की मध्य रात्रि से यह प्रतिबंध प्रभावी हो जाएगा। इसके चलते क्षेत्र के सभी स्वीकृत बालू घाटों पर खनन गतिविधियां पूरी तरह बंद हो जायेगे खनन बंद होने की सूचना के बाद बालू कारोबारियों ने गोदामों और निर्धारित स्टॉक यार्डों में पर्याप्त मात्रा में बालू का भंडारण कर लिया है, ताकि प्रतिबंध अवधि में निर्माण कार्यों के लिए आपूर्ति बनी रहे। यमुना नदी के तरीबुल्दा, हीरापुर, वालू खनन ठेकेदार अभी से तैयार हो गये हैं। जबकि वेतवा वालू खनन के रोक के पहले दिन भर आपाधापी मची रही। प्रतिबंध अवधि के दौरान नदियों से अवैध खनन एवं परिवहन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही के लिए पहले से ही प्रशासन, एआरटीओ,राजस्व, खनन एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी रखना शुरू कर दिया है ताकि शासन के आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जा सके प्रतिबंधित अवधि के दौरान वालू खनन की आनलाइन रायल्टी प्रपत्र निकलना भी बंद हो जाते हैं।
पत्रकार सतीश द्विवेदी कालपी











