कस्बा कुठौंद में 48 घंटे के भीतर चार जच्चा बच्चों की मौत से सहमा कुठौद

 

लगातार हो रही घटनाओं से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर

दिसंबर माह में घटी घटना का पीड़ित को आज तक नहीं मिला न्याय आखिर कब जागेगा प्रशासन

कुठौद (जालौन‌) कस्बा कुठौंद में 48 घंटे के भीतर गत रात्रि एक बच्चा बच्चा की मौत हो गई। पहले पीड़ित परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया इसके बाद पंचायत में मामला सुलझ गया। पीड़ित ने किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं दी है।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम गुपलापुर थाना सिरसा कलार निवासी रिजवाना पत्नी निसार उम्र लगभग 30 वर्ष को उसके परिजन डिलीवरी कराने कुठौद स्थित न्यू पुष्पा पाली क्लीनिक पर लाए थे कल शाम को प्रसव सुरक्षित हो गया था ।थोड़ी ही देर में बच्चों की मौत हो गई प्रसूता का ब्लड बंद न होने के कारण उसकी स्थिति बिगड़ गई अस्पताल प्रबंधन उसको अकबरपुर लेकर गया। जहां भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। और उसे कानपुर अस्पताल के लिए दिया सुबह के पहर रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मौत की सूचना पाकर कस्बा में हड़कंप मच गया घटना की सूत्रों के हवाले से सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ित द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही न करने की बात कही गई। जिससे पुलिस वापस थाने लौट गई ।बताया गया पंचायत में लेनदेन करके मामला निस्तारण हो गया। अभी 48 घंटे पहले भी थाने के ठीक बगल में संचालित न्यू बांके बिहारी पाली क्लीनिक पर जच्चा बच्चा की मौत हो गई थी ।जिसमें काफी हंगामा हुआ था। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था ।लेकिन आज दूसरे क्लीनिक पर पुनः घटना हो गई पीड़ित परिजनों ने कार्यवाही न करने की बात कही। 19 दिसंबर 2025 को कस्बे के टावर मोहल्ला में संचालित राधा रानी क्लीनिक पर भी एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। तब काफी मन मनुअवल का दौर चला था ।पीड़ित ने कार्यवाही करने की बात कही थी ।लेकिन वह पीड़ित आज भी अधिकारियों की चौखट पर दर-दर की ठोकरें खाता भटक रहा है। आज तक उसका अभियोग पंजीकृत नहीं हुआ है। इस पूरे प्रकरण में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर हो रही है।

19 दिसंबर को हुई थी ज्योति की मौत अभी तक नहीं मिल सका न्याय
कुठौद 19 दिसंबर 2025का वह दिन पीड़ित परिवार के लिए आज भी शोक का दिन बना हुआ है। थाना क्षेत्र के इटहा-सलेमपुर कालपी गांव निवासी दिनेश कुमार दोहरे अपनी पत्नी ज्योति का इलाज कराने के लिए कस्बा कुठौद में कथित डिग्री धारक द्वारा संचालित राधा रानी हॉस्पिटल में इलाज कराने आया था। जहां अस्पताल प्रबंधन द्वारा ज्योति का इलाज किया गया ।इलाज के दौरान जब स्थिति नियंत्रण के बाहर हो गई और अपने हाथ से मामला बिगड़ता देख उसे औरैया अस्पताल के लिए भेज दिया गया था। जहां पर उसकी मौत हो गई थी। परिजनों ने जमकर हंगामा काटा। इसके बाद पुलिस सक्रिय हुई और प्रार्थना पत्र देने के लिए कहा। कहा जाता है कि कानून के हाथ बहुत लम्बे होते हैं अस्पताल प्रबंधन और पीड़ित के बीच पंचायत का दौर चलता रहा लेकिन पीड़ित कार्यवाही पर अड़ा रहा और ठीक छै माह का समय बीत जाने के बाद भी न तो उसका मुकदमा पंजीकृत हुआ और न ही उसे न्याय मिल सका। शायद इसी को ध्यान में रखते हुए आज घटित हुई घटना का समझौता करने में ही भलाई समझी बड़ा सवाल हैं कि स्वास्थ्य विभाग कितनी जिंदगियों के साथ इसी प्रकार से खिलवाड़ करता रहेगा और कितने परिवार उजड़ते रहेंगे यह सोचने का विषय है।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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