समाधान दिवस में पुलिस विभाग तथा राजस्व विभाग ही रहता मौजूद। ग्रामीणों द्बारा की गई अन्य विभागों की शिकायतों का नहीं हो पाता निस्तारण
कुठौंद जालौन। उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा थाना स्तर पर समाधान दिवस का आयोजन प्रत्येक माह के दूसरा शनिवार तथा चौथा शनिवार को किया जाता है। जिसमें विकासखंड क्षेत्र के शिकायतकर्ता अपनी अपनी समस्याओं की शिकायतें करने आते हैं। जबकि ग्रामीणों की किसी भी विभाग की समस्या हो सकती है। जैसे की बिजली विभाग , विकास विभाग ,स्वास्थ्य विभाग,पशुपालन विभाग , आंगनबाड़ी विभाग तथा बैंकों के संबंध में की गई शिकायतों का निस्तारण हो सके। इसलिए समाधान दिवस के आयोजन में इन सभी समस्त विभागों से अधिकारी या कर्मचारी की उपस्थित होना अनिवार्य है। जैसी तहसील समाधान दिवस में सभी विभागों के अधिकारी या कर्मचारी की उपस्थिति रहती है। इसी प्रकार से थाना समाधान दिवस में विकासखंड के अंतर्गत संचालित विभागों की उपस्थित भी होनी चाहिए। क्योंकि राजस्व के मामले में की गई शिकायतों का निस्तारण राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा निस्तारित किया जाता है। और पुलिस विभाग द्वारा लड़ाई झगड़ा जैसी समस्याओं का निस्तारण किया जाता है। इसलिए विकासखंड के अंतर्गत संचालित विभाग के अधिकारी या कर्मचारी की उपस्थित होने पर क्षेत्र से आए हुए ग्रामीणों की समस्या का निस्तारण हो सके। थाना क्षेत्र तथा विकासखंड क्षेत्र के ग्रामीणों की जिलाधिकारी से मांग है की थाना दिवस के आयोजन में प्रत्येक माह के दूसरा शनिवार व चौथा
शनिवार को उपस्थित रहने का आदेश पारित किया जाए । ताकि समाधान दिवस को संपूर्ण समाधान दिवस का रूप मिल सके। यही क्षेत्रीय जनता की जिले पर बैठे उच्च अधिकारियों से पुकार है। अब देखना है कि इस खबर के प्रशासन से शासन व प्रशासन पर कितना असर पड़ेगा।













