22 मई से 20 जून तक घर-घर जाकर जुटाई जाएगी जानकारी, जनपदवासियों से सहयोग की अपील
कानपुर देहात – अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) / जिला जनगणना अधिकारी दुष्यंत कुमार मौर्य ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना-2027 के अंतर्गत जनपद में प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” का कार्य कल 22 मई से प्रारंभ होकर 20 जून तक संचालित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण अभियान के अंतर्गत प्रगणक घर-घर जाकर प्रत्येक भवन एवं मकान का चिन्हीकरण करेंगे तथा मकान से संबंधित आवश्यक जानकारियां निर्धारित पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करेंगे।
उन्होंने बताया कि जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु जनपद में लगभग 3314 प्रगणक एवं 550 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। जनपद में कुल 3460 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) निर्धारित किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित तहसीलों के तहसीलदारों को चार्ज अधिकारी नामित किया गया है, जबकि नगरीय क्षेत्रों में संबंधित अधिशासी अधिकारियों को चार्ज अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जनगणना कार्य की प्रभावी निगरानी एवं समन्वय हेतु प्रशासन द्वारा विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा चुका है।
जिला जनगणना अधिकारी ने बताया कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की सामाजिक, आर्थिक एवं आधारभूत संरचना से संबंधित नीतियों एवं योजनाओं के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर ही सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, आवास, विद्युत, रोजगार तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की रूपरेखा तैयार की जाती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता एवं सही जानकारी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि जनगणना कार्य में लगे प्रगणक निर्धारित पहचान पत्र एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ घर-घर पहुंचेंगे। नागरिकों से अपेक्षा की गई है कि वे प्रगणकों को सही एवं स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराएं तथा जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग प्रदान करें। दी गई समस्त सूचनाएं पूर्णतः गोपनीय रखी जाएंगी तथा उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं शासकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
जिलाधिकारी श्री कपिल सिंह ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि जनगणना राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण दायित्व है। सभी नागरिक जनगणना कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाएं तथा प्रगणकों द्वारा पूछी गई जानकारी सही रूप में उपलब्ध कराएं, जिससे जनपद एवं देश के विकास हेतु सटीक एवं विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना कार्य पूर्ण पारदर्शिता, समयबद्धता एवं गुणवत्ता के साथ संपन्न कराया जाए।










