रसूलाबाद थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों के रहने वाले बेरोजगार युवाओं शिशुपाल सिंह, मूलचंद, गौरव कुमार, श्याम बाबू, विमल कुमार, लक्ष्मण सिंह, मनीष कुमार और योगेश कुमार सहित दर्जनों युवाओं ने थाने पहुंचकर पुलिस को बताया कि रसूलाबाद ब्लॉक के पीआरडी जवानों के ब्लॉक कमांडर प्रदीप कुमार बाथम द्वारा पीआरडी जवान के रूप में ड्यूटी लगवाने और प्रशिक्षण करवाने के नाम पर करीब 20 युवाओं से प्रति व्यक्ति डेढ़ लाख से ढाई लाख रुपये तक की अवैध वसूली की गई।
पीड़ित युवाओं का आरोप है कि उनसे रुपये लेने के बावजूद न तो नियमित प्रशिक्षण कराया गया और न ही स्थायी रूप से ड्यूटी दी गई। युवाओं ने दावा किया कि लेनदेन से जुड़े साक्ष्य भी उनके पास मौजूद हैं।
युवाओं ने आरोप लगाया कि बीओ हेमंत कुमार गौतम, कनिष्ठ सहायक पीआरडी सत्येंद्र कुमार पाल तथा प्रदीप कुमार बाथम द्वारा कुछ समय तक प्रशिक्षण और ड्यूटी दिलाई गई, लेकिन लगभग छह माह बाद दोबारा प्रशिक्षण की बात कहकर मामला टाल दिया गया। इसके बाद उन्हें ड्यूटी से बाहर कर दिया गया।
बेरोजगार युवाओं ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित लोगों ने अवैध वसूली के जरिए करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि जब भी वे नौकरी और रुपये वापस करने की बात लेकर ब्लॉक कमांडर के घर जाते हैं तो उन्हें धमकाया जाता है। युवाओं ने प्रदीप कुमार बाथम के पुत्र शिवम पर भी धमकी देने का आरोप लगाया है।
नौकरी की आस में परेशान युवाओं ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य निर्देश यादव के साथ रसूलाबाद थाने पहुंचकर कोतवाल शिवनारायण सिंह से मुलाकात की और न्याय की गुहार लगाई।
कोतवाल शिवनारायण सिंह ने कहा कि मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। इसके साथ ही है शिकायत पुरानी है ।










