कानपुर देहात लखनऊ में अधिवक्ताओं के चैंबर तोड़े जाने और शांतिपूर्ण विरोध पर लाठीचार्ज की घटना को जिला बार एसोसिएशन कानपुर देहात ने लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था पर हमला बताया है।
जिला बार एसोसिएशन कानपुर देहात के अध्यक्ष जितेन्द्र प्रताप सिंह चौहान ने जिलाधिकारी कपिल सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए कहा है कि चैंबर अधिवक्ताओं की मूलभूत जरूरत है। बिना वैकल्पिक व्यवस्था के चैंबर तोड़ना और शांतिपूर्ण विरोध पर लाठीचार्ज निंदनीय है।
अधिवक्ता श्री चौहान ने हड़ताल को लेकर कहा कि ‘वादकारी का हित सर्वोपरि है’ और हड़ताल समस्या का समाधान नहीं, अंतिम विकल्प होना चाहिए। पूर्व अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा कि कानपुर देहात समेत कई जिलों में चैंबर की व्यवस्था नहीं है और इस तरह की कार्रवाई लोकतंत्र पर हमला है।
ज्ञापन की प्रमुख मांगें:
1. लाठीचार्ज के जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज कर कार्रवाई हो।
2. जिन अधिवक्ताओं के चैंबर तोड़े गए उन्हें प्राथमिकता पर स्थायी चैंबर दिए जाएं।
3. स्थायी चैंबर बनने तक वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
4. कानपुर देहात न्यायालय परिसर की चैंबर समस्या का स्थायी हल निकाला जाए।
5. प्रदेश स्तर पर ‘अधिवक्ता सुरक्षा नीति’ लागू की जाए।
ज्ञापन देने वालों में पूर्व उपाध्यक्ष रमेश चन्द्र सिंह गौर, उपाध्यक्ष सुभाष चन्द्र यादव, महामंत्री नरेन्द्र सिंह सेंगर, संयुक्त मंत्री जयगोपाल राजपूत, प्रमोद सिंह, योगेन्द्र प्रताप सिंह चौहान, जितेन्द्र बाबू, महेन्द्र सिंह, रोहित शुक्ला, संजय सिंह, मनमोहन सिंह गौर और डी के सिंह शामिल रहे।







