कानपुर देहात गरीब हरिजन प्रेम कुमार का परिवार लगभग 45 वर्षों से अपने झोपड़ी बनाकर पेड़ पौधे लगाकर गुजर बसर कर रहा था कुछ दबंगों ने उसकी झोपड़ी में आग लगा दी और लाखों का सामान जलकर राख हो गया शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी यहां तक अनुसूचित जाति को जात सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसे देख लेने की धमकी दी शिकायतकर्ता प्रेम कुमार ने शपथ पत्र देकर पुलिस अधीक्षक और तहसीलदारसे कार्रवाई की मांग की है
प्रेम कुमार निवासी जुग्गापुरवा थाना रनियातहसील अकबरपुर में बताया कि
मेरे पिता 1980 से काबिज है और झोपड़ी बनाकर वहां रह रहे थे काफी पेड़ लगा रखे थे
मौजूदा प्रधान जिला पंचायत सदस्य एवं लेखपाल की मिली भगत सेउसजमीन को जबरन दबंगई से खाली करना चाह रहे हैं और इसी वजह से हमारी झोपड़ी में आग लगा दी है
प्रार्थी को लगातार धमकियां मिल रही है कि यदि तुमने ज्यादा कहीं शिकवा शिकायत की तो तुम्हें वह रहने नहीं देंगे उसका परिवारदर।दर ठोकरे खाता घूम रहा है
एक और सरकार का कहना है कि गरीबों को मकान बनवा कर दिया जाएगा और किसी गरीब की झोपड़ी है उसे खाली नहीं कराया जाएगा वहीं पर गांव का प्रधान अपने साथियों से मिलकर उस जमीन को जबरन
खाली करना चाह रहा है और प्रेम कुमार का कहना है कि मेरी झोपड़ी में इन्हीं लोगों ने आग लगा दी है








