श्रमिक किसी भी उद्योग की आधारशिला होते हैं तथा उनके हितों की रक्षा करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता।
प्रत्येक श्रमिक को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी, समय पर वेतन, सुरक्षित कार्य वातावरण तथा अन्य वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रत्येक औद्योगिक इकाई की जिम्मेदारी।
न्यूनतम वेतन/मजदूरी दरों से संबंधित सूचना प्रत्येक औद्योगिक प्रतिष्ठान के नोटिस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से किया जाये चस्पा।
श्रमिक किसी भी प्रकार की समस्या हेतु हेल्पलाइन नंबर 9984361936 एवं 7054835123 पर करें संपर्क।
कानपुर देहात में संचालित औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत श्रमिकों के हितों की सुरक्षा, न्यूनतम मजदूरी के शत-प्रतिशत भुगतान तथा श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज रनियां स्थित कल्याण मंडपम में जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय की उपस्थिति में उद्यमी बंधुओं, विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों तथा संबंधित अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों/श्रमिकों को शासन द्वारा निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराने, श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करने तथा औद्योगिक वातावरण को संतुलित एवं शांतिपूर्ण बनाए रखने पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि श्रमिक किसी भी उद्योग की आधारशिला होते हैं तथा उनके हितों की रक्षा करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक श्रमिक को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी, समय पर वेतन, सुरक्षित कार्य वातावरण तथा अन्य वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रत्येक औद्योगिक इकाई की जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी न की जाए तथा सभी कंपनियां श्रम कानूनों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने शासनादेश के अनुरूप न्यूनतम मजदूरी दरों का उल्लेख करते हुए निर्देशित किया कि अप्रैल 2026 से प्रत्येक श्रमिक को उसकी श्रेणी के अनुसार निर्धारित मजदूरी का भुगतान अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने कहा कि अकुशल कर्मचारियों को प्रतिमाह रू0 12,356, अर्द्धकुशल कर्मचारियों को रू013,590 तथा कुशल कर्मचारियों को रू0 15,224 प्रतिमाह न्यूनतम वेतन दिया जाना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि इन मजदूरी दरों से संबंधित सूचना प्रत्येक औद्योगिक प्रतिष्ठान के नोटिस बोर्ड पर स्पष्ट रूप से चस्पा की जाए, जिससे श्रमिकों को उनके अधिकारों की जानकारी सहज रूप से उपलब्ध हो सके।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी उद्यमियों एवं कंपनी प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि ओवरटाइम कार्य का भुगतान नियमानुसार दोगुनी दर से किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी से अतिरिक्त कार्य लेने की स्थिति में श्रम कानूनों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक कर्मचारी को साप्ताहिक अवकाश प्रदान करने तथा अवकाश के दिन कार्य कराए जाने पर नियमानुसार अतिरिक्त भुगतान करने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को नियमानुसार सीएल, ईएल एवं अन्य अनुमन्य अवकाश उपलब्ध कराए जाएं तथा सार्वजनिक अवकाशों का भी पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्रत्येक कर्मचारी को वेतन भुगतान से पूर्व वेतन पर्ची उपलब्ध कराई जाए तथा ईएसआईसी एवं ईपीएफ से संबंधित कटौती एवं अंशदान का स्पष्ट विवरण उपलब्ध कराया जाए, जिससे कर्मचारी अपने खातों की जानकारी स्वयं सत्यापित कर सकें।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि सभी कंपनियां प्रत्येक माह की 07 तारीख तक कर्मचारियों के वेतन का भुगतान बैंक खाते के माध्यम से करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बोनस भुगतान सहित अन्य वैधानिक दायित्वों का भी समयबद्ध पालन किया जाए। श्रमिकों के हितों से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने उद्यमियों से श्रमिकों के साथ सकारात्मक एवं नियमित संवाद बनाए रखने की अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए श्रमिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रत्येक औद्योगिक इकाई में शिकायत पेटिका स्थापित करने तथा शिकायतों के समयबद्ध एवं निष्पक्ष निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 9984361936 एवं 7054835123 पर संपर्क करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
पुलिस अधीक्षक द्वारा बैठक में उपस्थित उद्यमियों एवं कंपनी प्रतिनिधियों से औद्योगिक क्षेत्रों में शांति, सौहार्द एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई। उन्होंने कहा कि श्रमिकों एवं प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना आवश्यक है, जिससे औद्योगिक गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित होती रहें तथा किसी प्रकार की अफवाह अथवा विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी, औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि, उद्यमी बंधु एवं अन्य संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन द्वारा सभी कंपनियों एवं प्रतिष्ठानों को शासनादेश के अनुरूप श्रमिक हितों से संबंधित व्यवस्थाओं का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमित कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट, क्षेत्राधिकारी, सहायक श्रमायुक्त रामआशीष, उद्योग उपायुक्त प्रभात यादव सहित थाना प्रभारी व अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण व उद्यमी आदि उपस्थित रहे।









