शिवली आश्रम में ब्रह्मलीन महंत स्वामी जी का पुण्यतिथि धूमधाम से मनाई गई

 

शिवली कानपुर देहात। जन जन के आस्था के प्रतीक शोभन आश्रम के ब्रह्मलीन महंत स्वामी विरक्ता नन्द जी महाराज की पुण्यतिथि शुक्रवार को ज्येष्ठ मास की षष्ठि तिथि को शोभन आश्रम में भक्तों द्वारा धूमधाम के साथ मनाई गई। ब्रह्मलीन स्वामी जी की पुण्य तिथि के अवसर पर आश्रम में भक्तों द्वारा श्री रामचरितमानस के अखंड पाठ का आयोजन किया गया। रामचरितमानस के समापन पर ब्रह्मलीन स्वामी जी की याद में सीताराम पाठ भी किया गया। इस दौरान आश्रम में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया इसमें क्षेत्र के सैकड़ों की तादाद में भक्तगणों ने प्रसाद ग्रहण किया तथा गढ़ी भगवान एवं ब्रह्मलीन स्वामी रघुनंदन जी महाराज तथा ब्रह्मलीन स्वामी विरक्ता नन्द जी महाराज के चरणों में माथा टेककर अपने जीवन को धन्य बनाया।
बताते चलें कि मैथा शिवली क्षेत्र ही नहीं वरन सम्पूर्ण उत्तर भारत के जन जन के लिए आस्था का प्रमुख केन्द्र बन चुके शोभन आश्रम स्थल पर करीब सौ वर्ष पूर्व बियावान जंगल हुआ करता था। तब ब्रह्मलीन परम पूज्य श्री रघुनंदन स्वामी ने मंदिर की आधारशिला रखी थी उस समय उक्त स्थान को हनुमानगढ़ी नाम दिया गया था। स्वामी जी के प्रयास एवं क्षेत्रीय लोगों के सहयोग से धीरे धीरे मंदिर का निर्माण शुरू हो गया था।वर्ष 1964 में क्षेत्र के ही शुक्लन पुरवा गांव निवासी कैलाश नाथ के पुत्र ने रघुनन्दन स्वामी के सानिध्य में प्रभु की आराधना शुरू की थी। बाद में उनका नाम स्वामी विरक्ततानन्द जी महाराज पड़ा। श्री गुरुदेव भगवान के ब्रम्हलीन होने पर स्वामी विरक्ततानन्द जी महाराज उत्तराधिकारी बने। स्वामी जी ने जिम्मेदारी सम्हालते ही पूरा ध्यान आश्रम के विस्तार में लगा दिया।और समय बीतते ही आश्रम का साम्राज्य बहुत विशाल हो गया।यही नहीं स्वामी जी ने क्षेत्रवासियों के लिए भी बहुत से लाभकारी काम किये हैं चाहे पाण्डु नदी पर पुल का निर्माण हो या फिर किसानों के लिए झील का निर्माण हो। यही नहीं शोभन सरकार ने क्षेत्रीय लोगों को उचित स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए विशाल अस्पताल का भी निर्माण कराया तथा क्षेत्र के नौनिहालों को अच्छी एवं निशुल्क शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए करीब एक दर्जन प्राथमिक स्तर से लेकर महाविद्यालय तक के विद्यालय भी खुलवाए। कुछ वर्षों पूर्व उन्नाव जिले के डोंडियाखेड़ा गांव में राजा राव रामबख्श सिंह के किले में एक हजार टन सोने दबा होने की घोषणा कर स्वामी जी भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी चर्चा का विषय बन गये थे।स्वामी जी के सानिध्य में ब्रह्मलीन श्री गुरुदेव भगवान की तपोभूमि गौरी कुंड धाम में प्रतिवर्ष विशाल यज्ञ एवं भंडारे का आयोजन किया जाता है जिसमें क्षेत्र के लाखों की तादात में भक्तगण प्रसाद ग्रहण करते हैं। छः वर्ष पूर्व 13 मई 2020 को ज्येष्ठ मास की षष्ठि तिथि को शोभन सरकार के ब्रह्मलीन होने पर उनके भक्तों द्वारा उनको जल समाधि दी गई थी। ब्रह्मलीन शोभन सरकार की छठवीं पुण्यतिथि पर शोभन आश्रम में रामचरितमानस के अखंड पाठ का आयोजन किया गया तथा उनकी याद में सीताराम नाम का जब भी किया गया। इस दौरान आश्रम के महंत स्वामी हरि शरणम पांडेय द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों की तरह में भक्तगणों ने प्रसाद ग्रहण किया।

Jansan Desh 24
Author: Jansan Desh 24

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