कालपी (जालौन)। तहसीलदार एवं खनिज अधिकारी ने यमुना के घाटों का निरीक्षण कर मौजूद ग्रामीणों को आश्वासन दिया महेवा ब्लॉक क्षेत्र के देवकली गांव की सड़क से अब बालू लदे भारी वाहनों का आवागमन नहीं होगा सड़क की बदहाल स्थिति और ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए शुक्रवार को मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने बालू घाट संचालकों को इस मार्ग से परिवहन बंद करने की हिदायत दी अधिकारियों ने घाट संचालकों को बालू ढुलाई के लिए दूसरे रास्ते की व्यवस्था करने की सलाह दी है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सड़क का निर्माण नहीं कराया जाता, तब तक वे इस मार्ग से खनन संबंधी वाहनों का आवागमन नहीं होने देंगे शासन की ओर से महेवा ब्लॉक क्षेत्र के हीरापुर में यमुना नदी पर सात खनन पट्टे जारी किए गए हैं इनमें से खंड संख्या दो और तीन के संचालकों ने गत जनवरी माह में खनन कार्य शुरू किया था इसके बाद बालू लदे ट्रकों और अन्य भारी वाहनों का आवागमन देवकली गांव की सड़क से होने लगा लगातार भारी वाहनों की आवाजाही के चलते सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इसका खामियाजा देवकली और हीरापुर गांव के ग्रामीणों को भुगतना पड़ा सड़क टूटने के कारण बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब हो गई थी। सड़क पर कीचड़ और गंदगी फैलने से ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया था। कई बार लोगों को जरूरी कामों के लिए आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, रास्ता खराब होने के कारण बच्चों की स्कूल तक पहुंच भी प्रभावित हुई। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क की हालत लगातार बिगड़ती गई, लेकिन उनकी समस्या का समय रहते समाधान नहीं किया गया ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मत और निर्माण की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भी सौंपे थे। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती गई। ग्रामीणों का कहना है कि खनन और बालू परिवहन के कारण गांव की सड़क खराब हुई है, इसलिए पहले सड़क को दुरुस्त कराया जाना चाहिए गुरुवार को जब घाट संचालक खनन मशीनें लेकर मौके पर पहुंचे तो ग्रामीण एकजुट होकर विरोध में उतर आए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सड़क का निर्माण कराए बिना खनन कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने सड़क की बदहाली को अपनी प्रमुख समस्या बताते हुए कहा कि भारी वाहनों के आवागमन से गांव के लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। घाट संचालकों की ओर से प्रशासन और पुलिस के माध्यम से ग्रामीणों पर दबाव बनाने का प्रयास भी किया गया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे शुक्रवार को मामले का संज्ञान लेते हुए तहसीलदार श्रीश कुमार मिश्रा न्यायब तहसीलदार चंद्र मोहन शुक्ला क्षेत्रीय लेखपाल योगेश कुमार लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और खनिज विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों ने दोहराया कि सड़क का निर्माण होने तक वे इस रास्ते से बालू लदे वाहनों को नहीं निकलने देंगे ग्रामीणों के विरोध और सड़क की जर्जर हालत को देखते हुए अधिकारियों ने बालू घाट संचालकों को देवकली गांव की सड़क से बालू लदे वाहन नहीं निकालने की हिदायत दी। साथ ही परिवहन के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने को कहा प्रशासन के इस निर्णय से ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है हालांकि, सड़क का स्थायी निर्माण कब कराया जाएगा, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है ग्रामीणों की मांग है कि सड़क का जल्द निर्माण कराया जाए ताकि गांव के लोगों को आवागमन की समस्या से निजात मिल सके।
पत्रकार सतीश द्विवेदी कालपी













