कानपुर देहात। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश को दिसंबर 2027 तक बाल श्रम मुक्त बनाने के संकल्प के क्रम में शासन के निर्देशों तथा जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, कानपुर देहात के मार्गदर्शन में सहायक श्रमायुक्त राम अशीष के नेतृत्व में श्रम विभाग, एएचटी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) इकाई, चाइल्ड लाइन एवं प्रोबेशन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा अकबरपुर क्षेत्र एवं रनियां स्थित दुकानों तथा होटलों पर बाल श्रमिकों के चिन्हांकन हेतु सघन अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया, जिसमें कुल 09 बाल श्रमिकों का चिन्हांकन किया गया। चिन्हित प्रतिष्ठानों में मेसर्स आन्या स्वीट हाउस, रनियां से 02, मेसर्स बिट्टू कार एक्सेसरीज, अकबरपुर से 02, मेसर्स शक्ति आयरन स्टोर, अकबरपुर से 01, मेसर्स यूफो मोटर्स, शाहजादपुर-अकबरपुर से 02, मेसर्स अखिलेश स्वीट हाउस, रनियां से 01 तथा मेसर्स धनश्याम ऑटो सेंटर, रनियां से 01 बाल श्रमिक पाए गए।
संयुक्त टीम द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित सेवायोजकों के विरुद्ध निरीक्षण टिप्पणियां जारी की गईं तथा विधिक कार्यवाही प्रारंभ की गई।
सहायक श्रमायुक्त राम अषीष ने जनसामान्य से अपील करते हुए कहा कि यदि कहीं भी बाल श्रम कराया जाता हुआ दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें, जिससे प्रभावी कार्रवाई कर बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया जा सके।
निरीक्षण टीम में सर्वेश सुरेश सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी अकबरपुर, सुनील कुमार, श्रम प्रवर्तन अधिकारी पुखरायां, राजेश श्रीवास्तव, श्रम प्रवर्तन अधिकारी डेरापुर, प्रभारी एएचटी कानपुर देहात तथा रविन्द्र यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बाल श्रम उन्मूलन के लिए जनपद प्रशासन द्वारा निरंतर अभियान चलाया जा रहा है तथा बाल अधिकारों के संरक्षण हेतु सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।












