उरई। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने उ०प्र० मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना(कोविड-19) के विषय में बताया कि 0 से 18 के वर्ष के आयु तक के ऐसे सभी बच्चों जिनके माता तथा दोनों की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से महामारी के दौरान हो गई हो या जिनके माता या पिता में से एक की मृत्यु 1 मार्च 2020 से पूर्व हो गई थी तथा दूसरे की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से महामारी के दौरान हो गई हो या जिनके माता व पिता दोनो की मृत्यु 1 मार्च 2020 से पूर्व हो गई थी तथा उनके वैध संरक्षक की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण से महामारी के दौरान हो। परिवार की आय 3 लाख प्रति वर्ष से अधिक न हो। कोविड-19 से मृत्यु के साक्ष्य के लिए एंटीजन या आर०टी०पी०सी०आर के पाजिटिव टैस्ट रिपोर्ट, ब्लड रिपोर्ट, या सिटी स्कैन में कोविङ-19 का संक्रमण होना माना जा सकता है। कोविड-19 का मरीज कतिपय परिस्थितियों में टेस्ट में निगेटिव आने के बाद भी post-covid comlication से उसकी मृत्यु हो सकती है. यह मृत्यु भी कोविड-19 से ही माना जायेगा। उक्त योजनान्तर्गत रू० 4,000-प्रतिमाह की दर से छिमाही 24,000/- रू० निदेशालय/शासन स्तर से प्रदान किये जाते है। तथा उ०प्र० मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के विषय में बताया कि अपने माता-पिता दोनों अथवा माता या पिता में से किसी एक अभिभावक को खो दिया है अथवा 18 से 23 वर्ष के ऐसे किशोर जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गयी हो एवं अभिभावक की भी मृत्यु (1) मार्च 2020) के पश्चात हो गयी हो, जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु (1 मार्च 2020) के पश्चात हो गयी हो, जिनके माता या पिता एक की मृत्यु हो गयी हो या माता तलाकशुदा स्त्री या कुटुम्ब द्वारा परित्यक्ता है, जिन्हें बाल भिक्षावृत्ति/बाल वैश्यावृत्ति से मुक्त कराकर परिवार / पारिवारिक वातावरण में समायोजित कराया गया हो या भिक्षावृत्ति / वैश्यावृत्ति में शामिल परिवारों के बच्चे, जिनके माता-पिता या परिवार का मुख्य कर्ता जेल में है, 0 से 18 वर्ष तक के ऐसे बच्चे जिन्हें बाल गृहों / संप्रेक्षण गृहों से परिवार में पहुंचाकर पुनर्वासित किया गया है या जो बाल देख-रेख संस्थाओं में रह रहे है और उन्हें वित्तीय सहायता देने से उन्हें पारिवारिक देख-रेख / पश्चातवर्ती देख-रेख में पुनः समायोजित किया जा सकता है। परिवार की आय 3 लाख प्रति वर्ष से अधिक न हो। उक्त योजनान्तर्गत अधिकतम 02 बच्चों को रू० 2500/- प्रतिमाह की दर से त्रैमासिक 7500/- रू० निदेशालय/शासन स्तर से प्रदान किये जाते है।अतः उक्त के क्रम में उ०प्र० मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड-19) एवं उ०प्र० मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के अन्तर्गत उ०प्र० शासन द्वारा आधारबेस्ट पेमेन्ट की प्रक्रिया लागू की जा रही है। समस्त लाभार्थियो को सूचित किया जाता है कि वह अपने-अपने बालक-बालिकाओं के आधारकार्ड से संबंधित बैंक में जाकर DBT/NPCI कराना सुनिश्चित करे, DBT/NPCI के ना होने की स्थिति में लाभार्थी उक्त योजना से लाभान्वित नही हो पायेगे, समस्त लाभार्थी DBT/NPCI कराकर जिला प्रोबेशन कार्यालय में अति आवश्यक रूप से सूचित करने का कष्ट करें अन्यथा की स्थिति में लाभार्थी स्वयं जिम्मेदार होगा।










