जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सर्वदलीय बैठक कर निर्वाचन आयोग की समयबद्ध कार्ययोजना से कराया अवगत, 13 जुलाई तक सुझाव देने की अपील
जालौन। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में मतदेय स्थलों के युक्तिसंगत पुनर्समायोजन (Rationalisation) की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सर्वसम्मति से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार, उरई में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
जिलाधिकारी ने कह कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार जनपद में मतदेय स्थलों का पुनर्समायोजन 1200 मतदाताओं के मानक के आधार पर किया जा रहा है। उन्होंने निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समय-सारिणी से सभी प्रतिनिधियों को अवगत कराते हुए बताया कि 24 से 28 जून तक मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन, पुनर्निर्धारण तथा नए मतदेय स्थलों के लिए भवनों का चिन्हांकन किया गया है। 29 जून से 1 जुलाई तक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। 4 जुलाई को मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची का प्रकाशन किया जाएगा तथा उसी दिन यह सूची सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध भी कराई जाएगी।उन्होंने बताया कि प्राप्त आपत्तियों एवं सुझावों पर विचार करते हुए सांसदों, विधायकों एवं राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ पुनः बैठक आयोजित की जाएगी तथा सभी शिकायतों के निस्तारण के उपरांत 18 जुलाई तक सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा अनुमोदित प्रस्ताव 25 से 28 जुलाई के मध्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजा जाएगा तथा 31 जुलाई तक आयोग को अंतिम प्रस्ताव प्रेषित कर दिया जाएगा।जिलाधिकारी ने बैठक में वर्तमान एवं प्रस्तावित मतदेय स्थलों की स्थिति से भी अवगत कराया। वर्तमान में जनपद की तीनों विधानसभा क्षेत्रों माधौगढ़, कालपी एवं उरई में कुल 1,624 मतदेय स्थल, 1,021 मतदान केंद्र तथा 11,36,432 मतदाता हैं। पुनर्समायोजन के उपरांत प्रस्तावित रूप से 1,571 मतदेय स्थल एवं 1,020 मतदान केंद्र रहेंगे। कुल 54 मतदेय स्थलों का समायोजन, एक नया मतदेय स्थल तथा 34 मतदेय स्थलों का भवन परिवर्तन/स्थानांतरण प्रस्तावित है। विधानसभा वार माधौगढ़ में 8, कालपी में 8 तथा उरई में 38 मतदेय स्थलों का समायोजन प्रस्तावित किया गया है।जिलाधिकारी ने किया कि नई मतदेय स्थल सूची का आलेख 4 जुलाई को प्रकाशित किया जाएगा तथा आमजन एवं राजनीतिक दलों के सुझाव प्राप्त करने के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध रहेगा। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप बहुमंजिला भवनों, ग्रुप हाउसिंग सोसायटी, आरडब्ल्यूए कॉलोनियों, सामुदायिक भवनों तथा तेजी से विकसित हो रहे नए आवासीय क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार नए मतदेय स्थल स्थापित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मतदेय स्थलों का निर्धारण करते समय मतदाताओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। ऐसे मतदेय स्थल जो मुख्य बस्ती से अत्यधिक दूरी पर हैं, उन्हें सुविधाजनक भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा तथा सामान्यतः मतदाताओं को दो किलोमीटर से अधिक दूरी तय न करनी पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा। जर्जर एवं अनुपयुक्त भवनों के स्थान पर सुरक्षित स्थायी भवनों का चयन किया जाएगा तथा यथासंभव सभी मतदेय स्थल भूतल पर स्थापित किए जाएंगे, जिससे दिव्यांगजन, वरिष्ठ नागरिक एवं महिलाओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि किसी भी राजनीतिक दल अथवा श्रमिक संगठन के कार्यालय से 200 मीटर के भीतर कोई मतदेय स्थल स्थापित नहीं किया जाएगा। निजी भवनों में संचालित मतदेय स्थलों को शासकीय भवन उपलब्ध होने पर वहां स्थानांतरित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त ऐसे भवन जो किसी राजनीतिक व्यक्ति के स्वामित्व में हों अथवा दुकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान, निजी सामुदायिक केंद्र अथवा विवाह घर के रूप में संचालित हों, उनके स्थान पर वैकल्पिक उपयुक्त भवनों का चयन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्रवार मतदेय स्थलों को नई रनिंग सीरियल संख्या प्रदान की जाएगी तथा नई सूची में सहायक (ऑक्ज़िलरी) मतदेय स्थल नहीं रखे जाएंगे। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर 300 से कम मतदाताओं वाले मतदेय स्थलों का भी पुनर्विचार किया जाएगा।जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि उपलब्ध कराए जा रहे पुनर्समायोजन प्रस्तावों का गंभीरतापूर्वक अध्ययन करें तथा यदि कोई संशोधन अथवा सुझाव हो तो अपना लिखित प्रतिवेदन 13 जुलाई 2026 तक जिला निर्वाचन कार्यालय अथवा संबंधित उपजिलाधिकारी/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपलब्ध करा दें, ताकि सभी सुझावों का परीक्षण कर मतदेय स्थलों की अंतिम सूची निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सर्वसम्मति से तैयार की जा सके।
इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव राज, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिन्कू सिंह राही, समस्त उप जिलाधिकारी, विनोद कुमार नगरिया, जिला सचिव, सी0पी0आई0एम0, अखिलेख चौधरी, जिला उपाध्यक्ष, कांग्रेस, जमालुद्दीन, जिला महासचिव, सपा, भगवती शरण पांचाल, जिला सचिव, बहुजन समाज पार्टी, शान्ति स्वरूप महेश्वरी, निर्वाचन प्रतिनिधि, भारतीय जनता पार्टी, रविन्द्र प्रताप सिंह, सदर विधायक प्रतिनिधि, शुभांशु सिंह, जिला कोआर्डिनेटर, कांग्रेस आदि राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहें ।











