कानपुर देहात उत्तर प्रदेश शासन द्वारा पूरे राज्य के अंतर्गत पोषक अनाजों मिलेट्स के उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और बड़े पैमाने पर उपभोग को पुनर्जीवित तथा प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ‘उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम’ का संचालन किया जा रहा है। इसी कल्याणकारी कार्यक्रम के सुचारू क्रियान्वयन की कड़ी में जनपद कानपुर देहात के समस्त प्रगतिशील कृषक उत्पादक संगठनों, निजी उद्यमियों तथा ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के महिला स्वयं सहायता समूहों को योजना के विभिन्न महत्वपूर्ण घटकों के अंतर्गत सरकारी व वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं। उप कृषि निदेशक, कानपुर देहात हरी शंकर भार्गव ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जनपद के सभी इच्छुक, अर्ह और पात्र संगठन कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल up.gov.in पर जाकर बिना किसी देरी के अपना ऑनलाइन आवेदन दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरी शासकीय योजना के अंतर्गत आवेदन से लेकर चयन तक की संपूर्ण प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, पेपरलेस और आधुनिक डिजिटल प्रणाली पर आधारित बनाया गया है ताकि किसी भी स्तर पर विसंगति की कोई गुंजाइश न रहे। इस योजना के अंतर्गत आवेदन की समय-सारणी और विभिन्न वित्तीय घटकों का विवरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। मिलेट्स बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए संचालित ‘सीड मनी’ घटक के तहत लगभग रु 4 लाख प्रति कृषक उत्पादक संगठन की दर से वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिसके लिए आवेदन स्वीकार करने की अवधि आज दिनांक 15 जून से प्रारंभ होकर आगामी 25 जून 2026 तक निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त योजना के अन्य बड़े व्यावसायिक घटकों के तहत मिलेट्स प्रसंस्करण यूनिट यानी प्रोसेसिंग प्लांट की स्थापना हेतु अधिकतम रु 47.5 लाख, मिलेट्स स्टोर खोलने के लिए अधिकतम रु 20 लाख तथा चलता-फिरता मिलेट्स मोबाइल आउटलेट स्थापित करने के लिए अधिकतम रु 10 लाख तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है, जिसके लिए आवेदन की विशेष विंडो आगामी 20 जून से लेकर 30 जून 2026 तक खुली रहेगी। आवेदकों के लिए शासन द्वारा कड़े पात्रता मानदंड तय किए गए हैं जिसके अनुसार सीड मनी का लाभ लेने के लिए कृषक उत्पादक संगठन का केंद्रीय ‘एफपीओ शक्ति पोर्टल’ पर पंजीकृत होना अनिवार्य है और वह संगठन न्यूनतम 2 वर्ष पुराना होना चाहिए, जिसके पास कम से कम 200 सक्रिय शेयरधारक किमान हों और उसका वार्षिक टर्नओवर न्यूनतम रु10 लाख होना आवश्यक है। इसके साथ ही उस संगठन का उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के साथ बीज उत्पादन का आधिकारिक एमओयू होना भी अनिवार्य शर्त है। वहीं दूसरी ओर बड़ी प्रसंस्करण यूनिट स्थापित करने के लिए कृषक उत्पादक संगठन या निजी उद्यमी का व्यवसाय कम से कम 3 वर्ष पुराना होना चाहिए तथा उनका पिछले वर्षों का टैक्स ऑडिट रिपोर्ट सहित क्रमशः रु 100 लाख और रु 200 लाख का कुल टर्नओवर होना चाहिए। योजना के नियमों के अनुसार कोई भी आवेदक मिलेट्स स्टोर या मोबाइल आउटलेट में से किसी एक ही घटक के लिए आवेदन करने का पात्र होगा, जिसमें महिला निदेशकों की अधिकता वाले कृषक उत्पादक संगठनों अथवा महिला स्वयं महायता समूहों को चयन में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। पोटर्ल पर प्राप्त होने वाले सभी ऑनलाइन आवेदनों के भौतिक सत्यापन एवं अंतिम चयन के लिए एक बेहद सख्त प्रशासनिक प्रक्रिया तय की गई है। सबसे पहले जिला स्तर पर गठित समिति द्वारा सभी प्राम आवेदनों का बहुत ही बारीकी से प्रारंभिक कागजी परीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद आवेदकों की पात्रता की धरातल पर वास्तविक पुष्टि करने के उद्देश्य से उनके द्वारा प्रस्तावित स्थलों, दुकानों, व्यवसाय हेतु चयनित वाहनों और प्रसंस्करण इकाइयों का विभागीय टीम द्वारा मौके पर जाकर गहन भौतिक एवं फोटोग्राफिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा। जांच की इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर गलत सूचना देने, अपूर्ण दस्तावेज पाए जाने या पहले से किसी अन्य योजना के माध्यम से दोहरा लाभ लेने की स्थिति उजागर होने पर संबंधित आवेदन को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जाएगा। जिला स्तर पर पूर्णतः त्रुटिहीन और सही पाए गए सभी पात्र आवेदनों को ही डिजिटल सहमति प्रदान करने के बाद अंतिम प्रशासनिक स्वीकृति हेतु राज्य मुख्यालय भेजा जाएगा। उप कृषि निदेशक ने जनपद के सभी योग्य एवं पात्र संगठनों से निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने आवेदन पूर्ण करने की विशेष अपील की है।












