प्लास्टिक हटाओ, पर्यावरण बचाओ का दिया गया संदेश, 150 पर्यावरण अनुकूल झोलों का वितरण
कानपुर देहात केंद्र सरकार के सफल एवं जनकल्याणकारी 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में कानपुर देहात में “सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान” थीम पर विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देशन एवं मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। इसी क्रम में आज उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कानपुर देहात द्वारा अम्बेडकर नगर, रूरा में “प्लास्टिक अपशिष्ट/प्रदूषण पर प्रतिबंध” विषय पर जन समुदाय के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को एकल उपयोग प्लास्टिक (सिंगल यूज प्लास्टिक) के दुष्प्रभावों, पर्यावरण संरक्षण के महत्व तथा स्वच्छ एवं हरित वातावरण के निर्माण के प्रति जागरूक करना था। इस अवसर पर लोगों को प्लास्टिक के विकल्प अपनाने, कचरा प्रबंधन तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय जनभागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में राज्य मंत्री, बाल विकास एवं पुष्टाहार एवं महिला कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार श्रीप्रतिभा शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। साथ ही पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी, नगर पंचायत रूरा के अध्यक्ष रामजी गुप्ता, ब्लॉक प्रमुख अकबरपुर आशीष मिश्रा, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी मनोज कुमार चौरसिया, मंडल अध्यक्ष रूरा रविन्द्र अवस्थी, सभासद अंशुल बाजपेयी, सभासद सुरेश कुमार गौतम, मंडल महामंत्री सौरभ यादव, पूर्व सभासद राम आसरे एवं जगजीवन (संभ्रांत जन) सहित अन्य जन प्रतिनिधि गण, गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान जनजागरूकता अभियान के तहत लगभग 150 पर्यावरण अनुकूल झोलों का वितरण किया गया तथा उपस्थित लोगों को “प्लास्टिक हटाओ, पर्यावरण बचाओ” का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने नागरिकों से अपील की कि वे सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग बंद कर कपड़े एवं अन्य पर्यावरण हितैषी विकल्पों को अपनाएं।
कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कानपुर देहात द्वारा किया गया, जबकि कोमल फाउंडेशन ने सहयोगी संस्था के रूप में सहभागिता निभाई। उपस्थित अतिथियों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी को आवश्यक बताया।
जनपद प्रशासन द्वारा आयोजित ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं सतत विकास के प्रति समाज के विभिन्न वर्गों को जागरूक किया जा रहा है, जिससे “विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश” के संकल्प को साकार किया जा सके।













