आवेदनकर्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए, समयबद्ध ढंग से स्वीकृत हों आवेदन : जिलाधिकारी
योजनान्तर्गत उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में स्वरोजगार स्थापना हेतु 5 लाख रुपये तक का चार वर्ष के लिए ब्याजमुक्त ऋण एवं 10 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा
कानपुर देहात जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन एवं लक्ष्यपूर्ति के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक माॅ मुक्तेश्वरी देवी सभागार, कलेक्ट्रेट में सम्पन्न हुई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों, बैंकर्स एवं उद्योग विभाग के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ते हुए अधिकाधिक पात्र अभ्यर्थियों को योजना का लाभ उपलब्ध कराना था। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य शिक्षित एवं प्रशिक्षित युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। उन्होंने निर्देशित किया कि जनपद को प्राप्त वित्तीय वर्ष 2026-27 के लक्ष्य 2660 के सापेक्ष विभागवार एवं बैंकवार प्रतिमाह लक्ष्य निर्धारित कर गुणवत्तापूर्ण कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आवेदनकर्ताओं को कागजी कार्यवाही के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। पात्र अभ्यर्थियों के आवश्यक अभिलेख पूर्ण कराते हुए आवेदन पत्रों का समयबद्ध परीक्षण एवं निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी संभव है जब प्रशासन एवं बैंकिंग संस्थाएं समन्वय बनाकर संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। उन्होंने सभी बैंकर्स को निर्देशित किया कि स्वीकृत आवेदनों में अनावश्यक विलम्ब न किया जाए तथा ऋण वितरण की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाया जाए। साथ ही उद्योग विभाग को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक विकासखण्ड एवं नगरीय क्षेत्र में विशेष प्रचार-प्रसार अभियान चलाकर अधिक से अधिक युवाओं को योजना की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
बैठक में योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया गया कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत इच्छुक युवक एवं युवतियों को उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में स्वयं का उद्यम स्थापित करने हेतु अधिकतम 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण चार वर्षों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त परियोजना लागत पर 10 प्रतिशत सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी। योजना के अंतर्गत ऋण प्राप्ति की तिथि से छह माह की अधिस्थगन अवधि (Moratorium Period) भी देय होगी, जिससे उद्यम स्थापित करने के प्रारंभिक चरण में युवाओं को आर्थिक राहत मिल सके। बैठक में यह भी बताया गया कि योजनान्तर्गत आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। इच्छुक अभ्यर्थी एमएसएमई विभाग की वेबसाइट www.msme.up.gov.in एवं सीएम युवा ऐप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। साथ ही अधिक जानकारी हेतु जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र, कानपुर देहात कार्यालय में किसी भी कार्यदिवस में संपर्क स्थापित किया जा सकता है। योजना की पात्रता शर्तों के सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए तथा उसकी आयु 21 से 40 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। न्यूनतम शैक्षिक योग्यता कक्षा-8 उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त आवेदक सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कौशल विकास एवं प्रशिक्षण योजनाओं जैसे विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद एक उत्पाद प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना, अनुसूचित जाति/जनजाति/पिछड़ा वर्ग प्रशिक्षण योजनाएं, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन अथवा किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कौशल आधारित प्रमाणपत्र, डिप्लोमा या डिग्री प्राप्त होना आवश्यक है। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को छोड़कर राज्य अथवा केन्द्र सरकार की किसी अन्य योजना में ब्याज अथवा पूंजी अनुदान का लाभ प्राप्त कर चुके अभ्यर्थी इस योजना हेतु पात्र नहीं होंगे।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवेदन प्रक्रिया, पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों, जनसेवा केन्द्रों, आईटीआई, पॉलीटेक्निक एवं अन्य शिक्षण संस्थानों के माध्यम से व्यापक स्तर पर प्रचारित की जाए ताकि अधिकाधिक युवा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व दुष्यंत कुमार मौर्य, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) राकेश कुमार, उपायुक्त उद्योग प्रभात यादव सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।












