जिलाधिकारी ने जनपद वासियों से स्व- गणना करने की की अपील
*स्व- गणना 07 मई से 21 मई 2026 तक।
कानपुर देहात – जिलाधिकारी कपिल सिंह ने बताया कि इस बार की जनगणना पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपन्न कराई जाएगी। यह जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी- प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकान गणना होगा, जबकि द्वितीय चरण जनसंख्या गणना के रूप में संपन्न किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में प्रथम चरण की अवधि 22 मई से 20 जून तक निर्धारित की गई है, जिसमें प्रगणक घर-घर जाकर आवश्यक विवरण एकत्रित करेंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि इस बार जनगणना के लिए स्वगणना (Self Enumeration)की सुविधा उपलब्ध कराई गयी है। यह सुविधा मकान सूचीकरण के प्रथम चरण के प्रारंभ होने से 15 दिन पूर्व, अर्थात 07 मई से 21 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी। स्वगणना की प्रक्रिया अत्यंत सरल एवं सुविधाजनक है। इसके अंतर्गत कोई भी व्यक्ति अपने परिवार का विवरण स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भर सकता है, जिससे उत्तरदाता एवं प्रगणक दोनों का समय बचेगा। स्वगणना हेतु निम्न प्रक्रिया इस प्रकार है- सर्वप्रथम se.census.gov.in से स्व- गणना पोर्टल पर जाना होगा। वहाँ अपने राज्य का चयन कर परिवार के मुखिया का नाम एवं मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके पश्चात भाषा का चयन एवं OTP सत्यापन करना होगा। इसके बाद स्थान संबंधी विवरण भरते हुए मानचित्र पर अपने निवास स्थान को चिन्हित करना होगा। तत्पश्चात निर्धारित प्रश्नावली को पूर्ण करना होगा, जिसमें वही प्रश्न होंगे जो प्रगणक द्वारा घर-घर जाकर पूछे जाएंगे। अंत में जब व्यक्ति अपना डेटा सबमिट करेगा, तो उसे स्वगणना पहचान संख्या (Self Enumeration ID) प्राप्त होगी। इस आईडी को सुरक्षित रखना आवश्यक है। जब प्रगणक घर पर आएगा, तब उसको यह आईडी प्रदान करनी होगी, जिसके आधार पर प्रगणक सत्यापन कर डेटा को रिकॉर्ड में सम्मिलित करेगा। यदि किसी कारणवश कोई अपनी आईडी उपलब्ध नहीं करा पाता है, तो प्रगणक सामान्य प्रक्रिया के तहत पुनः प्रश्न पूछकर भ्स्व् ऐप के माध्यम से डेटा संकलित कर सकेगा। जिलाधिकारी ने बताया कि इस नवीन प्रक्रिया का उद्देश्य विशेष रूप से कार्यरत एवं व्यस्त परिवारों को सुविधा प्रदान करना, आंकड़ों की शुद्धता में सुधार लाना तथा जनगणना कार्य को अधिक प्रभावी बनाना है। इससे प्रगणकों के कार्य में सरलता आएगी तथा फील्ड कार्य में लगने वाला समय भी कम होगा। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे 07 मई से 21 मई के मध्य स्वगणना सुविधा का अधिकतम उपयोग करें, अपनी स्वगणना आईडी सुरक्षित रखें एवं जनगणना कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाएं, जिससे सटीक एवं विश्वसनीय आंकड़े प्राप्त हो सकें।









