कानपुर देहात के शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में जल निकासी के लिए बने खुले नाले लागातार हादसों का कारण बन रहे हैं जिम्मेदारों कि अनदेखी के चलते सड़कों के किनारे बने इन नालों को ढका नहीं जा रहा है और टूटी पुलियों की मरम्मत भी नहीं हो रही है जिससे लोग इनमें गिरकर अपनी जान गंवा रहे हैं अधिकारियों की इस बेपरवाही पर सवाल उठ रहे हैं जिले के नगरीय क्षेत्रों में छोटे बड़े कुल 130 नाले है इनमें शिवली और पुखरायां मे 8-8 रूरा मे 10 अकबरपुर और झीझक में 17-17 रसूलाबाद मे 19 सिकंदरा में 16 अमरौधा में 14 मूसानगर में 9 रनिया मे 4 तथा राजपुर और कंचौसी में 3-3,, नाले शामिल हैं आबादी वाले क्षेत्रों में बने कई बडे नालो पल ढक्कन न होने से बच्चों के खेलते समय गिरने का खतरा बना रहता है खुले नालो और टूटी पुलियों के कारण लागातार मौतें हो रही है ऐसा ही एक हादसा 25 मार्च की रात को हुआ जब मवैया शिवली मार्ग पर हरदिया नाले की टूटी पुलिया से एक बाइक एक बाइक सवार गिर गया इस हादसे मे कानपुर नगर के शिवराजपुर थाना क्षेत्र के बरगादिया पुरवा निवासी पूजा पाल पत्नी विपिन पाल की मौत हो गई जबकि उनके पति विपिन कुमार और बच्चे संपृक्ति व शिवा गंभीर रूप से घायल हो गए स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाबजूद संबंधित विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है ग्रामीणों ने नालों को ढकने और टूटी पुलिया की जल्द मरम्मत मांग की है नगरीय निकायों में खुले नाले नगरवासियों के लिए भी बडी मुसीबत बनें हुए हैं गंदगी से भरे इन नालो से उठने वाली दुर्गंध लोगो को परेशान कर रही है शाम ढलते ही लार्वा जनित मच्छर भी ग्रामीणों पर हमला बोलते है इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी नालो पर ढक्कन लगवाने के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे है
साहिल कटियार
संवाददाता सिकंदरा
कानपुर देहात










