कानपुर देहात – दिनांक 21.08.2022 को अभियुक्त सतीश दिवाकर पुत्र अशोक कुमार निवासी वार्ड नं0 06 शास्त्रीनगर कस्बा व थाना रसूलाबाद जनपद कानपुर देहात द्वारा पीड़िता के साथ दुष्कर्म की घटना कारित करने के सम्बन्ध में अभियोग पंजीकृत किया गया था । जिसमें माननीय न्यायालय ADJ-15, जनपद कानपुर देहात द्वारा #MissionShakti5 अभियान के अन्तर्गत अभियुक्त सतीश दिवाकर उपरोक्त को दोष सिद्ध करते हुये 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा एवं ₹ 15,000/- के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
दिनांक 21.08.2022 को अभियुक्त सतीश दिवाकर पुत्र अशोक कुमार निवासी वार्ड नं0 06 शास्त्रीनगर कस्बा व थाना रसूलाबाद जनपद कानपुर देहात द्वारा पीड़िता के साथ दुष्कर्म की घटना कारित करने के सम्बन्ध में थाना रसूलाबाद पर मु0अ0सं0 416/2022 धारा 366/376/506 भादवि0 बनाम सतीश दिवाकर पुत्र अशोक कुमार निवासी वार्ड नं0 06 शास्त्रीनगर कस्बा व थाना रसूलाबाद जनपद कानपुर देहात पंजीकृत किया गया था।
विवेचक द्वारा गुणवत्ता पूर्ण विवेचना करते हुए वास्तविक तथ्यों के आधार पर साक्ष्य संकलन कर विवेचना निस्तारित कर मुकदमे में नामित अभियुक्त सतीश दिवाकर उपरोक्त के विरुद्ध आरोप पत्र दिनांक 20.10.2022 को माननीय न्यायालय प्रेषित किया गया । माननीय न्यायालय में पेश किये गये साक्ष्यों व गवाहों के बयानों के आधार पर अभियुक्त सतीश दिवाकर उपरोक्त को दोषी ठहराया गया।
पीड़िता को त्वरित न्याय व अपराधियों को सजा दिलाये जाने हेतु #OperationConviction चलाया जा रहा है । उक्त अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु उच्चाधिकारियों द्वारा आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये हैं, इसी क्रम में थाना रसूलाबाद पुलिस, कोर्ट पैरोकार, अभियोजन व मॉनिटरिंग सेल द्वारा सतत् एवं प्रभावी पैरवी करते हुए सही तथ्यों पर गवाहान की गवाही माननीय न्यायालय के समक्ष करायी गयी ।
माननीय न्यायालय ADJ-15, जनपद कानपुर देहात द्वारा दिनांक 21.04.2026 को #MissionShakti5 अभियान के अन्तर्गत अभियुक्त सतीश दिवाकर पुत्र अशोक कुमार निवासी वार्ड नं0 06 शास्त्रीनगर कस्बा व थाना रसूलाबाद जनपद कानपुर देहात को दोष सिद्ध करते हुये 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा एवं ₹ 15,000/- के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया । अर्थदण्ड़ अदा न करने पर अभियुक्त सतीश दिवाकर उपरोक्त को 10 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी । यह सजा समाज में महिला सम्बन्धी अपराधों की रोकथाम व कानून और शान्ति व्यवस्था एंव अपराधों में अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।











