जहानगंज क्षेत्र में इन दिनों यूरिया की कालाबाजारी खुलेआम हो रही है, जिससे किसानों की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। आलू की फसल में नुकसान झेल चुके किसान अब खाद के लिए भी अधिक कीमत चुकाने को मजबूर हैं।
किसानों का कहना है कि उन्हें एक बोरी यूरिया 350 रुपये तक में खरीदनी पड़ रही है, जबकि सरकारी दर इससे काफी कम है। ऐसे में आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान खुद को लाचार और असहाय महसूस कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित अधिकारी इस पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं और कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि अधिकारी केवल सरकारी आदेश आने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद हैं।
किसानों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर यूरिया की कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके।












