कानपुर में किडनी के काले धंधे का भंडाफोड़ तीन धरे
शहर में किडनी ट्रांसप्लांट के बड़े रैकेट का सोमवार को डीसीपी वेस्ट की क्राइम ब्रांच और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने भंडाफोड़ किया है अहुजा अस्पताल की दंपति के साथ ही एक दलाल को हिरासत में ले लिया गया है यह लोग आठ से दस लाख रूपये में डोनर तैयार करते हैं और 80 लाख रुपए तक म रिसीवर के किडनी व लिवर ट्रांसप्लांट करते थे दिल्ली व लखनऊ से आईं डाक्टरों की टीम ट्रांसप्लांट करती थी इसके बाद डोनर और रिसीवर को कल्याणपुर के ही दो अन्य अस्पतालों में भर्ती करा दिया जाता था संयुक्त टीम ने पहले केशवपुरम स्थित आहुजा अस्पताल में छापा मरा जहां किडनी ट्रांसप्लांट की गई थी बाद में कल्याणपुर इलाके ही प्रिया अस्पताल में छापेमारी की गई जहां किडनी रिसीवर महिला को भर्ती कराया गया है इसी के साथ कल्याणपुर पनकी रोड स्थित लाइफ अस्पताल में छापा मरा गया अहुजा अस्पताल में अवैध तरीके से किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट करने की सुचना पुलिस आयुक्त के निर्देश पर दोपहर बाद अहुजा अस्पताल और फिर अपहर तीन बजे बाकी दोनों अस्पतालों में छापेमारी हुई पुछताछ में उधड़ने लगी परतें स्पेशल आपरेशन गुप और डीसीपी बेस्ट जोन की क्राइम ब्रांच की टीम ने जब डॉक्टर दंपति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो किडनी के सौदे से लेकर ट्रांसप्लांट तक की परतें उधड़ने लगी जांच में पता चला कि अहुजा हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है सूत्रों की माने तो लंबे समय से पुलिस इस रैकेट के खुलासे में लगी थी क्राइम ब्रांच ने बिहार के समस्तीपुर निवासी आयुष नाम के डोनर और और एक महिला रिसीवर पारूल तोमर को भी अपनी सुरक्षा में लिया है पुलिस सूत्रों के मुताबिक डोनर को सढे तीन लाख रूपये युपीआई से और छह लाख रूपये कैस दिए गए थे वहीं महिला रिसीवर पारूल से 80,,,,, लाख रूपये तक की रकम वासुली गई थी मुल रूप से विहार निवासी आयुष वर्तमान में मेरठ में रह रहा था खुद को डाक्टर बातने बाले शुभम ने उसकी किडनी ट्रांसप्लांट के लिए संपर्क किया था हालांकि आयुष ने पहले कहा कि पास उसकी बहन है मगर बाद में बताया दुर की जानने वली है और उसने स्वीकार किया कि उसने पैसे लिए थे













