रसूलाबाद कानपुर देहात। विकास खंड क्षेत्र के अंतर्गत दया ग्राम पंचायत का मजरा परसादपुरवा में हर घर जल योजना के तहत पानी की टंकी बनाई गई। करीब 3 करोड़ 20 लाख की लागत से पानी की टंकी का निर्माण हुआ था। वर्ष 2022 में पानी टंकी को शुरू कर दिया गया था,लेकिन पानी टेस्टिंग में लापरवाही और जल्दबाजी की गई जिसका नतीजा आज ग्रामीण भुगत रहे हैं। खारा पानी जहां एक ओर पीने के लायक नहीं है तो वहीं दूसरी ओर खारा पानी से लोगों की त्वचा को बर्बाद कर रहा है। 3500 की आबादी इसी पानी की टंकी पर निर्भर है क्योंकि गांव में नलों की संख्या कम है।
यहाँ के रहने वाले उमाशंकर तिवारी,संदीप सिंह, महाराज, जसोदा देवी, मिथलेश, विश्राम सिंह, अरविंद सिंह आदि ने बताया कि खारे पानी की समस्या को लेकर जनोरतिनिधि व सरकारी अफसरों तक कई बार गुहार लगा चुके लेकिन आज भी समस्या जस-की-तस बनी हुई है। वहीं पीने के पानी के लिये महिलाओं को दूर खेतों के जलस्रोतों व कुएँ से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। घरों में बोरिंग कराकर लोग पीने के पानी की जुगत में जुटे हुए हैं। दया ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान प्रवीण सिंह गौर ने बताया कि जब से पानी की टंकी चालू हुई तब से अनवरत खारा और चिपचिपा पानी आ रहा है। जिसे केवल जानवर पी रहे हैं घर की साफ सफाई ही हो पाती है। दूषित पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। इसको लेकर हमने खंड विकास अधिकारी,सचिव सहित जल निगम के आला अधिकारियों को अवगत कराया लेकिन लापरवाह अधिकारी इस समस्या का समाधान नहीं कर रहे। वही इस संदर्भ में अवर अभियंता साहिल खान ने बताया कि जब पानी की टेस्टिंग हुई थी तो पानी अच्छा था समस्या प्रकाश में आई है। एक बार फिर पानी की गुणवत्ता की जांच कराएंगे। वहीं तत्कालीन प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि हर घर जल सर्टिफिकेशन भी इस ग्राम पंचायत का नहीं हो पाया। ग्राम प्रधान से हस्ताक्षर करने के लिए कहा तो उन्होंने इनकार किया। जबकि ग्राम प्रधान प्रवीण सिंह गौर ने बताया कि जब पानी टंकी सुचारू रूप से चालू नहीं है और पानी दूषित आ रहा है तो हम जनता को क्या जवाब देंगे। यह दूषित पानी पीकर लोग बीमार होंगे तो जिम्मेदार कौन होगा।






