कानपुर नगर – कानपुर नगर में स्थित स्वरूप नगर मैं मधुराज हॉस्पिटल में आए दिन मरीज के साथ घटनाएं होती रहती हैं ना तो सही से इलाज हो रहा है।। और गलत जांच होती हैं और चल रहे इंश्योरेंस के कार्ड से अवैध तरीके से पैसे निकाले जाते हैं आम आदमी को मरीज बनाकर इलाज किया जाता है बताते चलें पिछले दिनों 9 नवंबर को एक मरीज रविवार को 2:00 बजे एडमिट कराया गया था जिसका इंश्योरेंस का कार्ड भी मौजूद था सिक्योरिटी जमा करने के बाद मरीज को एडमिट किया गया ओर लेकिन उनको बोतल भी लगाई गई न्यूरो के डॉक्टर अमित गुप्ता उपलब्ध है बताया गया लेकिन रात में 10:00 बजे तक कोई भी डॉक्टर नहीं बुलाया गया हॉस्पिटल का स्टाफ बोतले ही पेशेंट को चढ़ाते रहे इसके कारण हालात और गंभीर रूप से बिगड़ गई जब कहा गया कि न्यूरो के डॉक्टर को बुलाए आपने कहा था अमित गुप्ता उपलब्ध हैं अस्पताल के द्वारा बताया गया कि आज रविवार है रविवार को कोई भी डॉक्टर अस्पताल नहीं आता है मरीज की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ती चली गई मरीज के परिजनों ने डॉक्टर से कहा कि हमारे मरीज को रिफर कर दो जबरदस्ती एक लाख रुपया जमा कर लिया गया और रिफर के नाम पर एक छोटा सा कागज बना कर दे दिया गया पहले तो मना करते रहे जब मरीज को हमने गोदी में उठा लिया तब उन्होंने रेफर के कागज एक छोटा सा पर्चा दिया और बिल बनाकर नहीं दिया बिल के नाम पर बताया गया की ₹100000 का बिल हो गया है और अपना मैरिज ले जाए इसके बाद मरीज को ले जाने लगे तो हॉस्पिटल के कर्मचारी मरीज को नहीं निकलने दे रहे थे और लिफ्ट भी बंद कर दी थी जैसे तैसे लिफ्ट का दरवाजा खुला जब मरीज को गोदी में लेकर नीचे उतर रहे थे तो अस्पताल के कर्मचारियों ने पीछे से दौड़ना चाहा तभी मरीज को लिए हुए अमन तिवारी का पैर फिसल गया और वह सीढ़ी से गिर गए जिससे उनका पैर टूट गया जिसकी सूचना स्वरूप नगर थाने में फोन के द्वारा ओर अगले दिन लिखित प्रार्थना पत्र दिया गया आज दिन तक कोई कार्रवाई नहीं हुई ना ही मुकदमा पंजीकृत किया गया परिजनों का कहना है कि यदि मुकदमा पंजीकृत नहीं हुआ तो हम लोग उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास जाएंगे और अपनी गुहार भी लगाएंगे परिजन राघव अग्निहोत्री ने बताया कि मैं मान्यता प्राप्त पत्रकार भी हूं लेकिन इन लोगों ने मेरे साथ बहुत ही गलत व्यवहार किया सीसीटीवी कैमरे की जांच करके उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होना चाहिए जिससे मरीजों के साथ आगे चलकर बुरा व्यवहार ना हो सके।।।








